एमपीएससी विवाद बढ़ा : रोहित पवार ने दी इस्तीफे की धमकी, महाराष्ट्र सरकार पर लगाया 'अहंकार के खेल' का आरोप
संवैधानिक प्रक्रिया और मुख्यमंत्री के अहंकार के बीच फंसा अभ्यर्थियों का भविष्य
पुणे। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) अभ्यर्थियों के यहां एमएस जोशी पुल पर चल रहे सत्याग्रह ने मंगलवार को बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने आरोप लगाया कि एमपीएससी अध्यक्ष विवेक भीमनवार इस्तीफा दे चुके हैं लेकिन राज्य सरकार राजनीतिक अहंकार और डर के कारण उसे दबाकर बैठी है।
संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों से बात करते हुए पवार ने दावा किया कि भीमनवार ने अपना इस्तीफा शाम के समय सीधे मुख्यमंत्री को भेजा था। इसे संवैधानिक प्रक्रिया के तहत राज्यपाल को भेजने के बजाय मुख्यमंत्री कार्यालय तक ही सीमित रखा गया है। पवार ने कहा कि सरकार इस बात से बुरी तरह डरी हुई है कि छात्रों के दबाव में इस्तीफा स्वीकार करने से एक नजीर बन जाएगी, जिससे भविष्य में मंत्रियों या खुद मुख्यमंत्री की जवाबदेही तय करने का रास्ता खुल सकता है।
पवार ने आरोप लगाया, अब यह छात्रों के कल्याण का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि इसे मुख्यमंत्री के अहंकार का खेल बना दिया गया है। अध्यक्ष को हटाने की अपनी मुख्य मांग पर पीछे हटने से इनकार कर रहे हजारों प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के कारण चल रहा यह सत्याग्रह एक बड़े राजनीतिक गतिरोध में तब्दील हो गया है। आंदोलन के नाजुक दौर में पहुंचने के साथ ही सभी की निगाहें राज्य प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस बढ़ते दबाव से कैसे निपटता है और अटकाए गए इस्तीफे पर क्या रुख अपनाता है।

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