पोलिंग पार्टी देगी 5 दिन की परीक्षा : वोटर मिनटों में फ्री, मतदान दल 5 दिन बाद होगा आजाद

पंचायत चुनाव में पहली बार एक ही पोलिंग पार्टी कराएगी दो तरह की वोटिंग

पोलिंग पार्टी देगी 5 दिन की परीक्षा : वोटर मिनटों में फ्री, मतदान दल 5 दिन बाद होगा आजाद
राजस्थान पंचायत चुनाव में पहली बार एक ही पोलिंग पार्टी को ईवीएम और बैलेट पेपर, दोनों से मतदान कराने की जिम्मेदारी मिलेगी। पहले जिला परिषद-पंचायत समिति सदस्यों के लिए ईवीएम से मतदान, फिर सरपंच-पंच के चुनाव बैलेट से कराए जाएंगे।

जयपुर। राजस्थान में होने जा रहे पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव इस बार मतदान दलों के लिए किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं होंगे। पहली बार एक ही पोलिंग पार्टी को दो अलग-अलग चरणों में दो तरह की मतदान प्रक्रिया पूरी कराने की जिम्मेदारी दी जा रही है। यानी मतदाता कुछ ही मिनट में वोट डालकर घर लौट जाएगा, लेकिन पोलिंग पार्टी को चुनावी ड्यूटी से मुक्त होने के लिए करीब पांच दिन तक प्रक्रिया पूरी करनी होगी। चुनाव में पहले पोलिंग पार्टी जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए ईवीएम से मतदान कराएगी। इसके बाद इसी पोलिंग पार्टी के जिम्मे सरपंच और पंच के चुनाव बैलेट पेपर से कराने की जिम्मेदारी होगी। इस तरह एक ही मतदान दल को ईवीएम संचालन से लेकर बैलेट पेपर की पूरी प्रक्रिया संभालनी होगी।

पहले ईवीएम, फिर बैलेट पेपर : पंचायत चुनाव में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के निर्वाचन के लिए ईवीएम का इस्तेमाल होगा। मतदान पूरा होने के बाद इसी पोलिंग पार्टी को सरपंच और पंच के चुनाव की प्रक्रिया में जुटना होगा। इन पदों के लिए मतपत्र के जरिए मतदान कराया जाएगा।

मतदाता की ड्यूटी मिनटों में खत्म, दल की कई दिन तक : मतदाता मतदान केन्द्र पर पहुंचकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेगा और कुछ ही मिनट में बाहर निकल जाएगा। इसके विपरीत मतदान दल के लिए असली परीक्षा मतदान खत्म होने के बाद शुरू होगी।

ईवीएम और मतपत्र से जुड़ी अलग-अलग चुनावी प्रक्रियाएं पूरी करने, सामग्री जमा कराने और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने में उसे कई दिन लग सकते हैं।

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एक दल, दो तकनीक और कई जिम्मेदारियां : इस व्यवस्था में पोलिंग पार्टी को एक ही चुनाव ड्यूटी में ईवीएम की तकनीकी प्रक्रिया और बैलेट पेपर की पारंपरिक मतदान व्यवस्था दोनों संभालनी होंगी। इससे मतदान दलों पर जिम्मेदारी बढ़ेगी और प्रशिक्षण भी पहले की तुलना में ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाएगा।  पहले चरण में चुनाव कराने वाली पोलिंग पार्टियां 22 अक्टूबर को बूथ पर पहुंचेगी और 26 अक्टूबर तक उप सरपंच का चुनाव कराने के बाद लौटेगी। इसी प्रकार मतदान दल दूसरे चरण में 28 अक्टूबर को पहुंच कर एक नवम्बर तक, तीसरे चरण में तीन नवम्बर से सात नवम्बर तक और चौथे चरण में 13 नवम्बर से 17 नवम्बर तक  बूथ पर ही रहेंगे।  

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