पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की मिली धमकी, ई-मेल मिलने के बाद खाली कराया गया न्यायालय परिसर, सर्च अभियान जारी
बिहार के कोर्ट परिसरों को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप
पटना और गया की अदालतों को LTTE के नाम से ई-मेल भेजकर बम से उड़ाने की धमकी दी गई। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत परिसर खाली कराकर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।
पटना। ई-मेल के जरिये जिला एवं सत्र न्यायालय, पटना को बम विस्फोट कर उड़ाने की धमकी मिलने के बाद कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया। धमकी में दावा किया गया कि न्यायालय परिसर में आरडीएक्स से बने तीन आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) लगाये गये हैं, जिन्हें आठ जनवरी को विस्फोट किया जायेगा। सूचना मिलते ही न्यायालय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गईं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुये जिला एवं सत्र न्यायालय, पटना के रजिस्ट्रार ने तत्काल आदेश जारी कर सभी अधिवक्ताओं को न्यायालय परिसर खाली करने का निर्देश दिया। साथ ही जिला बार एसोसिएशन के सचिव से अनुरोध किया गया कि वे सभी अधिवक्ताओं को सूचित कर परिसर को पूरी तरह खाली कराना सुनिश्चित करें। रजिस्ट्रार ने बताया कि यह धमकी भरा ई-मेल सुबह के समय प्राप्त हुआ था। ई- मेल भेजने वाले ने अपना नाम अरुण कुमार बताते हुये खुद को एलटीटीई का सदस्य बताया है। हालांकि, फिलहाल भेजने वाले की पहचान और उसके दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
इस बीच जिला बार एसोसिएशन के महासचिव अरविंद कुमार मौआर ने बताया कि धमकी की सूचना मिलते ही बार एसोसिएशन की आपात बैठक बुलाई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुये अविलंब न्यायालय परिसर खाली कराने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि सभी न्यायाधीश, न्यायिक कर्मी और अधिवक्ता सुरक्षित रूप से परिसर से बाहर निकल आये हैं। बम धमकी के बाद न्यायालय परिसर में तैनात सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेरकर सुरक्षित कर लिया। मौके पर बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और अतिरिक्त सुरक्षा बलों को बुलाया गया, जो कोर्ट परिसर की गहन तलाशी में जुटे हैं।
प्रशासन ने बताया है कि सुरक्षा जांच पूरी होने तक न्यायालय परिसर में प्रवेश पर रोक रहेगी। इसके साथ ही बिहार में गयाजी व्यवहार न्यायालय को भी ई- मेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिलने से गुरुवार को कोर्ट परिसर में अफरातफरी मच गई। धमकी की सूचना मिलते ही न्यायालय में मौजूद न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, कर्मचारी और आम लोग तुरंत परिसर से बाहर निकल गये। सुरक्षा कारणों से पूरे न्यायालय परिसर को खाली करा लिया गया और सभी न्यायिक कार्य तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिये गये।
घटना की जानकारी मिलते ही वरीय पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार, आरक्षी अधीक्षक (नगर) रामानंद कुमार कौशल, डीएसपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया। पूरे न्यायालय परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। साथ ही श्वान दस्ते की टीम को भी जांच के लिये बुलाया गया है, जो परिसर के हर कोने की सघन तलाशी ले रही है।
इस मामले में गयाजी बार एसोसिएशन के अधिवक्ता ललित कुमार गुप्ता ने बताया कि धमकी भरा ई-मेल तमिलनाडु से भेजा गया है। ई-मेल तमिलनाडु के लिट्टे ग्रुप से जुडा बताया जा है जिसमें, भास्करण के नाम का उल्लेख है। ई-मेल में कुछ मांगें रखी गई हैं और कहा गया है कि यदि मांगें पूरी नहीं की गईं तो गयाजी व्यवहार न्यायालय को बम से उड़ा दिया जायेगा।
धमकी को गंभीरता से लेते हुये प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। न्यायालय परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिये पुलिस बल मुस्तैद है। फिलहाल जांच एजेंसियां ई- मेल की सत्यता, भेजने वाले की पहचान और उसके नेटवर्क की पड़ताल में जुट गई है।
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाये रखने की अपील की है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है, हालांकि सुरक्षा कारणों से अगले आदेश तक न्यायालय के कार्य स्थगित कर दिये गये हैं। वहीं, धमकी भरे ई- मेल के स्रोत का पता लगाने और भेजने वाले की पहचान सुनिश्चित करने के लिये साइबर सेल और अन्य जांच एजेंसियां मामले की गहन जांच कर रही हैं।

Comment List