प्रमोद तिवारी का केंद्र पर हमला, बोले-महंगाई, बेरोजगारी और पेपर लीक पर सरकार जारी करें श्वेत पत्र
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने केंद्र सरकार से महंगाई, बेरोजगारी, पेट्रोल-डीजल की कीमतों और नीट पेपर लीक मामलों पर "श्वेत पत्र" जारी करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार 2014 के चुनावी वादों का हिसाब दे। साथ ही, 80 परीक्षाओं के पेपर लीक को संगठित अपराध बताते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
नई दिल्ली। कांग्रेस राज्यसभा सांसद एवं उप नेता विपक्ष प्रमोद तिवारी ने सोमवार को केंद्र सरकार से महंगाई, बेरोजगारी, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और नीट पेपर लीक समेत विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक मामलों पर "श्वेत पत्र" जारी करने की मांग की। प्रमोद तिवारी ने यहां अपने बयान में कहा कि वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान केद्र सरकार ने जनता से कई बड़े वादे किए थे, लेकिन आज उन वादों की स्थिति जनता के सामने है। जिस पेट्रोल की कीमत 35 रुपये प्रति लीटर करने का वादा किया गया था, वह आज लगभग 100 रुपये प्रति लीटर पहुंच चुकी है। वहीं घरेलू गैस सिलेंडर, जो करीब 400 रुपये का था, अब लगभग 1000 रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर साल दो करोड़ नौकरियां देने, लोगों के खातों में 15-15 लाख रुपये आने, विदेशों से काला धन वापस लाने और किसानों की आय दोगुनी करने जैसे वादे पूरे नहीं हुए।
प्रमोद तिवारी ने कहा कि सरकार बताए कि इन वादों में कितना काम हुआ और कितना बाकी है। नीट समेत करीब 80 परीक्षाओं के पेपर लीक होने का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि संगठित अपराध का मामला है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की तथा भविष्य में निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षाएं सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

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