आरोप लगाने से पहले कांग्रेस का इतिहास पढ़ें राहुल गांधी : अपनी पार्टी के बारे में भी उन्हें कुछ नहीं पता, सुधांशु ने कहा- उनका बयान देश की राजनीति के प्रति अज्ञानता का उदाहरण
कांग्रेस के अंदरूनी हालात से निराश होकर ममता ने किया था तृणमूल का गठन
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने विरुद्ध कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी के बयानों को दुर्भावना-प्रेरित बताते हुए कहा कि उसके खिलाफ कुछ बोलने से पहले उन्हें अपनी पार्टी का इतिहास पढ़ लेना चाहिए। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय पर संवाददाताओं को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को जब्त किये जाने के मुद्दे पर गांधी की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, आज गांधी एक अछ्वुत ट्वीट किया है, जिससे लगता है कि उन्हें अपनी पार्टी के बारे में भी कुछ नहीं पता है। वह भाजपा पर आरोप लगाने की प्रक्रिया में यह भी ध्यान नहीं दे पाते कि जिन पार्टियों का का वह नाम ले रहे हैं, वे पार्टियां कौन हैं।
गांधी ने ट्वीट किया कि पहले शिवसेना, फिर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और अब तृणमूल कांग्रेस को भाजपा खत्म कर रही है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि गांधी राकांपा का पूरा नाम भी नहीं पढ़ सकते हैं, जो कांग्रेस से अलग होकर बनी थी। शरद पवार ने 1999 में विदेशी मूल के मुद्दे पर कांग्रेस से अलग होकर राकांपा बनाई थी, लेकिन विदेशी मूल के वारिस गांधी को अपनी ही पार्टी की जड़ों की जानकारी नहीं है। त्रिवेदी ने कहा कि इसी तरह 1997 में कांग्रेस के अंदरूनी हालात से निराश होकर ममता बनर्जी ने कांग्रेस छोड़कर तृणमूल कांग्रेस का गठन किया था और पश्चिम बंगाल में कांग्रेस को पूरी तरह खत्म कर दिया। उन्होंने कहा, गांधी आपको पहले इन पार्टियों के इतिहास को देखना चाहिए।
उन्होंने कहा, पहली बार हम ऐसे नेता को देख रहे हैं, जो उस विषय में लिखते हैं जिसे उन्होंने पढ़ा तक नहीं है। गांधी का आज का बयान देश की राजनीति के प्रति उनकी अज्ञानता, अपनी ही पार्टी के प्रति उनकी अनभिज्ञता, भाजपा के प्रति उनकी दुर्भावना और अपनी ही पार्टी इतिहास का उपहास करने वाला एक अजीब उदाहरण है।

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