केदारनाथ मार्ग पर भूस्खलन : फंसे 10 हजार श्रद्धालु, एसडीआरएफ ने निकाला सुरक्षित
यात्रियों की भारी भीड़ के कारण स्थिति अत्यंत चुनौतीपूर्ण
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर रुद्रप्रयाग के मुनकटिया क्षेत्र में देर रात भूस्खलन से 10 हजार से अधिक श्रद्धालु फंस गए। खराब मौसम और लगातार गिरते मलबे के बीच एसडीआरएफ-एनडीआरएफ की संयुक्त टीम ने साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर करीब 10,450 यात्रियों को सुरक्षित निकाला। मलबा हटने के बाद मार्ग फिर से बहाल कर दिया गया।
देहरादून। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित भगवान शिव के ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम के पैदल यात्रा मार्ग पर मंगलवार देर रात भूस्खलन में फंसे लगभग दस हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं को राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) ने सुरक्षित निकाल लिया है। एसडीआरएफ के कमांडेंट आईपीएस अर्पण यदुवंशी ने बुधवार सुबह यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सोनप्रयाग-गौरीकुंड के मध्य मुनकटिया क्षेत्र में अचानक भूस्खलन होने से मुख्य सड़क मार्ग अवरुद्ध हो गया। मार्ग बाधित होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु बीच रास्ते में फंस गए। रात्रि का समय, खराब मौसम, पहाड़ी क्षेत्र में लगातार गिरता मलबा तथा यात्रियों की भारी भीड़ के कारण स्थिति अत्यंत चुनौतीपूर्ण बनी हुई थी।
उन्होंने बताया कि घटना की सूचना जिला नियंत्रण केंद्र रुद्रप्रयाग द्वारा रात 21:16 बजे एसडीआरएफ को मिली। सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक आशीष डिमरी के नेतृत्व में सोनप्रयाग टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए गई। उन्होंने बताया कि मौके पर एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की संयुक्त टीम ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया गया। यदुवंशी ने बताया कि संयुक्त टीमों द्वारा अत्यंत जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में सूझबूझ, धैर्य एवं साहस का परिचय देते हुए सड़क के दूसरी ओर फंसे लगभग 10,450 श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से मार्ग पार कराया गया। लगातार बारिश और अंधेरे के बीच जवानों ने श्रद्धालुओं का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। उन्होंने बताया कि बचाव कार्य पूर्ण होने के उपरांत जेसीबी मशीनों की सहायता से मार्ग पर आए मलबे को हटाने का कार्य किया गया, जिसके बाद सड़क मार्ग को पुन: सुचारु कर वाहनों की आवाजाही शुरू कराई गई।

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