शिक्षा विभाग के मंच का राजनीतिक प्रचार के लिए इस्तेमाल करना बंद करें, राजनीतिक पोस्टर शेयर करने पर उठाए सवाल: ढिल्लों
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक को देना चाहिए जवाब
चंडीगढ़। पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने सोमवार को राज्य के शिक्षा विभाग के आधिकारिक व्हाट्सऐप चैनल पर एक राजनीतिक पोस्टर साझा किए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी माध्यमों का राजनीतिक प्रचार के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है और इस मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान, शिक्षा मंत्री तथा आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक को जवाब देना चाहिए।
ढिल्लों के अनुसार, शनिवार को पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) के आधिकारिक व्हाट्सऐप चैनल पर एक पोस्टर साझा किया गया, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन का प्रचार किया गया था। पोस्टर में पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके की तस्वीर भी थी। उन्होंने दावा किया कि इस चैनल के करीब 4.48 लाख अनुयायी हैं।
ढिल्लों ने कहा कि पोस्टर में चार मांगें रखी गई थीं। इनमें आगामी चुनावों पर रोक लगाने और जनवरी 2025 की मतदाता सूचियां बहाल करने, मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति से संबंधित 2023 के कानून को निरस्त कर नया कानून बनाने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया तत्काल रोककर जांच समिति गठित करने की मांग शामिल थी। उन्होंने सवाल किया कि चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन और चुनावी प्रक्रिया रोकने जैसी राजनीतिक मांगों का स्कूली शिक्षा से क्या संबंध है। उन्होंने यह भी पूछा कि शिक्षा विभाग के आधिकारिक चैनल पर पोस्टर साझा करने की अनुमति किसने दी और क्या इस सामग्री की निगरानी तथा जांच की गई थी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा विभाग का आधिकारिक चैनल विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों तक विभागीय परिपत्र, अवकाश संबंधी सूचनाएं तथा दाखिले और परीक्षाओं से जुड़ी जानकारी पहुंचाने के लिए बनाया गया है। ऐसे मंच पर राजनीतिक सामग्री साझा होने से उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले का संज्ञान लेकर जिम्मेदारी तय करने, निष्पक्ष जांच कराने और आधिकारिक चैनलों पर सामग्री साझा करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश लागू करने की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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