भारत ने 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की जिम्मेदारी संभाली, पीटी उषा और नीरज चोपड़ा को सौंपा कॉमनवेल्थ का झंडा
13 स्वर्ण समेत 39 पदक जीते
ग्लासगो। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आधिकारिक तौर पर समापन हुआ और भारत ने 2030 में अहमदाबाद में होने वाले गेम्स के शताब्दी संस्करण की मेजबानी की जिम्मेदारी संभाली। हाइड्रो में हुए समापन समारोह में स्कॉटलैंड ने भारत को जिम्मेदारी सौंपी। इस दौरान पूर्व ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा और भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा की मौजूदगी में कॉमनवेल्थ का झंडा आधिकारिक तौर पर भारत को सौंपा गया। इसके बाद भारत ने मशहूर गायक-संगीतकार शंकर महादेवन और पूर्व मिस वर्ल्ड मानुषी छिल्लर के नेतृत्व में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ अहमदाबाद 2030 की अपनी यात्रा शुरू की। इस कार्यक्रम की शुरुआत 'वंदे मातरम' से हुई, जिसके बाद डांस परफॉर्मेंस और संगीत के जरिए 'वसुधैव कुटुंबकम' की थीम पर देश की सांस्कृतिक विविधता को दिखाया गया।
दिखाई अहमदाबाद 2030 की झलक :
इसके बाद, एक ऑडियो-विजुअल प्रेजेंटेशन के जरिए अहमदाबाद 2030 की झलक दिखाई गई, जिसमें भारत की खेल यात्रा और शताब्दी कॉमनवेल्थ गेम्स की एक झलक पेश की गई। इससे पहले समारोह की शुरुआत में ग्लासगो 2026 में बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल जीतने वाली जैस्मिन लंबोरिया ने एथलीटों की परेड के दौरान तिरंगा उठाया। इस दौरान सभी 74 देशों के खिलाड़ी एरिना में दाखिल हुए।
जॉर्ज ब्लैक ने दीं भारत को शुभकामनाएं :
ग्लासगो 2026 के चेयरमैन जॉर्ज ब्लैक ने 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए अहमदाबाद को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, ग्लासगो से अहमदाबाद तक हम आपको शताब्दी गेम्स के स्वागत की तैयारी के लिए हर सफलता की कामना करते हैं। अब कॉमनवेल्थ का झंडा भारत के हाथों में आ गया है, इसलिए अहमदाबाद 2030 के लिए उल्टी गिनती आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है।
भारत ने ग्लासगो में जीते 13 स्वर्ण समेत 39 पदक :
प्रिंस एडवर्ड, ड्यूक ऑफ एडिनबर्ग ने आधिकारिक तौर पर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के समापन की घोषणा की और कॉमनवेल्थ देशों के एथलीटों को चार साल बाद अहमदाबाद में फिर से इकट्ठा होने के लिए आमंत्रित किया। इस समारोह के साथ ही भारत के ग्लासगो 2026 अभियान का भी समापन हुआ। भारतीय दल ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य सहित कुल 39 मेडल जीतकर मेडल टैली में चौथा स्थान हासिल किया।

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