खेलमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का दावा : खिलाड़ियों को सम्मान देने में राजस्थान अग्रणी राज्य, आउट ऑफ टर्न नियुक्ति में सरकार की तेज रफ्तार, जून तक होगा आंकड़ा 300 पार
मात्र 2 साल में किया 40 करोड़ रुपए अनुदान राशि का भुगतान
खेलमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि पदक विजेताओं की लंबित इनामी राशि जल्द जारी होगी और आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी प्रक्रिया तेज की गई है। उन्होंने बताया कि दो वर्षों में 186 खिलाड़ियों को नियुक्ति दी गई, 135 मामले प्रक्रिया में हैं।
जयपुर। प्रदेश के खेलमंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि पदक विजेता खिलाड़ियों की लंबित इनामी राशि का भुगतान जल्द ही कर दिया जाएगा। साथ ही अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न आधार पर सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया भी तेज गति से आगे बढ़ाई जा रही है। राजस्थान खेल परिषद में मीडिया से बातचीत करते हुए खेलमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता खिलाड़ियों को बेहतर खेल मैदान और अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा, हम चाहते हैं कि प्रदेश के खिलाड़ी अधिक से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लें और पदक जीतकर राजस्थान का नाम रोशन करें।
खिलाड़ियों को सम्मान प्राथमिकता :
राठौड़ ने दावा किया कि पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मान और सुविधाएं देने के मामले में राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने पिछले दो वर्षों में इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 से 2023 के बीच पिछली सरकार ने पांच वर्षों में 248 खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नियुक्ति दी थी, जबकि मौजूदा सरकार ने केवल दो वर्षों में 186 खिलाड़ियों को नियुक्ति प्रदान की है। इसके अलावा 135 खिलाड़ियों की सूची प्रक्रिया में है, जिन्हें शीघ्र ही नियुक्ति दी जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि जून 2026 तक यह आंकड़ा 300 के पार पहुंच जाएगा।
अनुदान और प्रोत्साहन में भी तेजी से हुआ है कार्य :
खिलाड़ियों को अनुदान और प्रोत्साहन राशि के विषय में भी खेलमंत्री ने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने बताया कि पिछली सरकार ने पांच वर्षों में खिलाड़ियों को 72 करोड़ रुपये की अनुदान राशि दी थी, जबकि वर्तमान सरकार ने मात्र दो वर्षों में ही 40 करोड़ रुपये वितरित कर दिए हैं।
लंबित इनामी राशि होगी जल्द जारी :
खेलमंत्री ने कहा कि अनुदान और प्रोत्साहन राशि से संबंधि सभी लंबित मामलों को जल्द से जल्द निपटाया जाएंगे। उन्होंने कहा कि लंबित दावों के निस्तारण के लिए खेल परिषद में एक विशेष सेल का गठन किया गया है, जो पेंडिंग मामलों को प्राथमिकता से सुलझा रहा है।
प्रमाणपत्रों के सत्यापन में देरी से होती है असुविधा :
राज्यवर्धन राठौड़ ने स्पष्ट किया कि आउट ऑफ टर्न नियुक्ति का मामला हो या अनुदान राशि के भुगतान की प्रक्रिया हो, खिलाड़ियों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन आवश्यक होता है, जिसमें समय लगता है। कुछ खेल संघ अपने रिकॉर्ड व्यवस्थित रखते हैं, जिससे सत्यापन प्रक्रिया शीघ्र पूरी हो जाती है, लेकिन कई संघ अभी भी कागजी कार्यप्रणाली पर निर्भर हैं। इसी कारण प्रमाणपत्रों के सत्यापन में विलंब होता है और खिलाड़ियों को सुविधाएं मिलने में देरी होती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार इस प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाने के लिए आवश्यक सुधार कर रही है, ताकि खिलाड़ियों को समय पर उनका अधिकार मिले।

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