केंद्र सरकार ने एनटीए को जानबूझकर बनाया कमजोर : एजेंसी को भंग करें सरकार, जयराम ने की धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
केन्द्र सरकार का शिक्षा मंत्रालय से हो चुका समझौता
नई दिल्ली। कांग्रेस ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार ने एजेंसी को जानबूझकर कमजोर और अक्षम बनाया है, जिससे कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं में भी पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के मामले सामने आ रहे हैं। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि गत मई में नीट-यूजी परीक्षा के पेपर लीक होने के कुछ ही दिनों बाद शिक्षा मंत्री ने घोषणा की थी कि अगले वर्ष से नीट परीक्षा कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) के माध्यम से आयोजित की जाएगी। इससे संदेश देने का प्रयास किया गया कि पेन-पेपर आधारित परीक्षा के विपरीत सीबीटी में पेपर लीक नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि अब खबरें हैं कि यूजीसी-नेट समाजशास्त्र परीक्षा का पेपर, सीबीटी होने के बावजूद, लीक हुआ हो सकता है। इससे पहले यूजीसी-नेट अंग्रेजी परीक्षा में भी बिना किसी बदलाव के लगभग पूरे प्रश्न पुराने प्रश्न पत्रों से पूछे जाने के आरोप सामने आए थे। रमेश ने कहा कि इससे स्पष्ट है कि परीक्षा का प्रारूप चाहे पेन-पेपर हो या सीबीटी, पेपर लीक और अन्य अनियमितताएं इसलिए हो रही हैं, क्योंकि केन्द्र सरकार का शिक्षा मंत्रालय से कॉम्प्रोमाइज हो चुका है और एनटीए को जानबूझकर कमजोर तथा अक्षम बनाया गया है। उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और एनटीए को भंग करने की मांग दोहराई।

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