उत्तराखंड में वैश्विक निवेशक सम्मेलन के नाम पर जनता के साथ धोखा : कई कंपनियों का वास्तविक अस्तित्व ही संदिग्ध, कांग्रेस ने कहा- सरकार ने पेश किए फर्जी आंकड़े
सरकार को उद्देश्य अपनी छवि चमकाना
नई दिल्ली। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड सरकार ने वैश्विक निवेशक सम्मेलन के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए है, लेकिन निवेश के लिए जिन संस्थाओं और कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए, उनमें से कई का वास्तविक अस्तित्व ही संदिग्ध है। पार्टी ने इसे जनता के साथ धोखा और भ्रष्टाचार बताते हुए गंभीर आरोप लगाए और कहा कि निवेशकों की सूची में खाद-बीज की दुकान और निजी क्लीनिक संचालकों के नाम शामिल किये गये हैं।
कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच एक्स पर गुरुवार को कहा कि उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी सरकार ने निवेशकों की जो सूची तैयार की है, उनमें से कई ने एक रुपये का भी निवेश नहीं किया है। फिर भी उन्हें निवेशक दिखाकर फर्जी निवेश के आंकड़े प्रस्तुत किए गए हैं। पार्टी ने दावा किया कि एमओयू सूची में कई ऐसी कंपनियां, संस्थान और विश्वविद्यालय भी शामिल हैं, जिनका जमीनी स्तर पर कोई पता नहीं है, लेकिन उनके नाम पर हजारों करोड़ रुपये के निवेश का दावा किया गया।
कांग्रेस ने उत्तराखंड सरकार के निवेशक सम्मेलन को केवल प्रचार का माध्यम बताते हुए कहा है कि राज्य सरकार ने सम्मेलन के नाम पर सिर्फ जनता के धन का दुरुपयोग किया गया है। पार्टी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार को घेरते हुए कहा कि उसका उद्देश्य रोजगार सृजन या राज्य का विकास नहीं, बल्कि अपनी छवि चमकाना है। यह जनता के साथ धोखा और भ्रष्टाचार है, जिसकी जवाबदेही सरकार को लेनी चाहिए।

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