लगातार तीसरी बार राज्यसभा के उप सभापति चुने गए हरिवंश : पीएम मोदी और खरगे ने दी बधाई, कहा-सदन का आपके प्रति गहरा विश्वास

संसदीय गौरव: हरिवंश तीसरी बार राज्यसभा के उपसभापति निर्वाचित

लगातार तीसरी बार राज्यसभा के उप सभापति चुने गए हरिवंश : पीएम मोदी और खरगे ने दी बधाई, कहा-सदन का आपके प्रति गहरा विश्वास

प्रधानमंत्री नेंद्र मोदी और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने हरिवंश को लगातार तीसरी बार उपसभापति चुने जाने पर बधाई दी। पीएम ने उनकी सौम्यता और समय की पाबंदी की सराहना की, जबकि खरगे ने लोकसभा में उपाध्यक्ष का पद खाली होने पर सवाल उठाए। सदन ने उनकी निष्पक्षता और समृद्ध अनुभव पर भरोसा जताया है।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य दलों के नेताओं ने सदन में लगातार तीसरी बार उपसभापति चुने जाने पर श्री हरिवंश को बधाई दी। मोदी ने कहा, "राज्य सभा के उपसभापति के रूप में लगातार तीसरी बार निर्वाचित होना, इस सदन का आपके प्रति गहरे विश्वास और बीते समय में सबको साथ लेकर चलने के आपके प्रयास पर एक तरह से सदन की मुहर है।" खरगे ने उम्मीद जताई कि उपसभापति विपक्ष के सदस्यों का विशेष ध्यान रखेंगे, उन्हें उचित महत्व देंगे। उन्होंने तीसरे कार्यकाल के लिए समूचे विपक्ष और पूरे सदन की तरफ से उन्हें बधाई दी।

प्रधानमंत्री से पहले अपनी बात रखते हुए उन्होंने लोकसभा में उपाध्यक्ष का पद रिक्त होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक भावना के विपरीत लोकसभा में 2019 से उपाध्यक्ष का पद खाली है। अच्छा होता कि लोकसभा में भी राज्यसभा की तरह उपाध्यक्ष का चयन हो जाता। खरगे ने कहा, "आप लोकतंत्र की बात करते हैं लेकिन सात साल से उपाध्यक्ष उस सदन में नहीं है, तो इसे क्या कहेंगे? एक संवैधानिक पद को आपने सात साल से खाली रखा है।"

पीएम मोदी ने हरिवंश के पिछले दो कार्यकालों की तारीफ करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में सदन की शक्ति और प्रभावी हुई है। वह अपने निजी जीवन के अनुभवों का भी सदन को समृद्ध करने में इस्तेमाल करते हैं। इससे सदन का संचालन और माहौल और अधिक परिपक्व बनाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके कार्यकाल में सदन के संचालन को नयी ऊंचाई मिलेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि हरिवंश का सार्वजनिक जीवन केवल संसदीय कामों तक सीमित नहीं रहा है। पत्रकारिता में उच्च मानदंड को उन्होंने हमेशा आधार माना। उनकी लेखनी में धार है लेकिन वाणी और व्यवहार में सौम्यता और शिष्टता रही है। वह अपने लेखों में अपना पक्ष काफी दृढ़ता के साथ रखते थे। पत्रकारिता में भी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का उनका प्रयास रहा। उनके राजनीतिक जीवन में भी उसकी छाया नजर आती है।

उपसभापति को नये सांसदों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए उन्होंने कहा कि वे उनसे काफी कुछ सीख सकते हैं। समय की पाबंदी उनकी विशेषता रही है। जबसे वह राज्यसभा के सदस्य बने हैं, पूरे समय सदन में होते हैं। अपने दायित्व के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के कारण यह संभव होता है। उन्होंने कहा कि सदन के बाहर भी वह अपने दायित्वों को कैसे निभाते हैं यह ध्यान आकर्षित करने वाला है। उनके काम सराहनीय होने के साथ अनुकरणीय भी हैं। उन्होंने अपने सांसद निधि का इस्तेमाल शिक्षा क्षेत्र और युवा पीढ़ी को केंद्र में रखकर किया है, विश्वविद्यालयों में अनुसंधान और अध्ययन केंद्र बनवाए हैं।

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पीएम मोदी ने कहा कि हरिवंश का जीवन आज भी अपने गांव से जुड़ा रहता है। वह लगातार वहां अपना योगदान देते रहते हैं। नये सदन के निर्माण में भी उन्होंने काफी योगदान दिया है - चाहे द्वारों के नामकरण हों या आर्ट गैलरी को स्वरूप देना। तमिलनाडु से द्रमुक के तिरुचि शिवा ने उम्मीद जताई कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के साथ सामंजस्य बिठाकर अपना दायित्व निभायेंगे। आंध्र प्रदेश से वाईएसआरसीपी के सुभाष  चंद्र बोस पिल्ली ने श्री हरिवंश के सदन संचालन के तौर-तरीकों की तारीफ करते हुए कहा कि वह अनुशासन बनाने के लिए शिष्टापूर्वक सख्ती बरतते हैं।

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ओडिशा से बीजू जनता दल के मानव रंजन मंगराज ने कहा कि वह निष्पक्ष तरीके से सदन का संचालन करते हैं और उम्मीद जतायी वह आगे भी ऐसा करते रहेंगे। तमिलनाडु से अन्नाद्रमुक के एम. तंबी दुरै ने कहा कि आसन की सफलता नियमों और संचालन प्रक्रियाओं को लागू कराने से कहीं अधिक सदस्यों की भावनाओं को समझने में है। बिहार से जदयू के संजय झा ने श्री हरिवंश का नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बिहार में पिछले 20 साल में जो भी सकारात्मक काम हुए उनमें अपनी पत्रकारिता और एक सांसद के तौर पर उन्होंने योगदान दिया है।

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