हल्द्वानी मामले में कार्रवाई नहीं होने पर खरगे नाराज, बोले- सरकार के आश्वासन के बावजूद अब तक कुछ नहीं हुआ

7 सितंबर को देहरादून में राज्य सचिवालय घेराव की कांग्रेस की तैयारी

हल्द्वानी मामले में कार्रवाई नहीं होने पर खरगे नाराज, बोले- सरकार के आश्वासन के बावजूद अब तक कुछ नहीं हुआ
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हल्द्वानी प्रकरण पर अब तक कार्रवाई न होने पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने इसे संविधान विरोधी और छुआछूत की घटना करार देते हुए चेतावनी दी कि प्राथमिकी दर्ज न होने पर वे राज्यसभा सभापति सी. पी. राधाकृष्णन को पत्र लिखेंगे। खरगे ने राहुल गांधी का समर्थन दोहराते हुए लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया।

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने हल्द्वानी प्रकरण में अब तक कार्रवाई नहीं होने पर हैरानी व्यक्त करते हुए कहा है कि इस मामले में यदि प्राथमिकी दर्ज नहीं होती है तो वह राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग करेंगे। खरगे ने गुरुवार को यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने बुधवार को राज्यसभा में सदन के नेता जगत प्रकाश नड्डा को पत्र लिखकर याद दिलाया है कि 13 अगस्त को सदन में दिए आश्वासन के बावजूद अब तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। नड्डा ने घटना की तहकीकात कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया था।

उन्होंने हल्द्वानी की घटना को छुआछूत की घटना करार देते हुए कहा कि यह महज 'शुद्धिकरण' का मामला नहीं है। उनका कहना था कि संविधान के अनुच्छेद 17 में अस्पृश्यता को समाप्त किया गया है लेकिन इसके बावजूद ऐसी घटना होना गंभीर चिंता का विषय है। खरगे ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी दलितों, महिलाओं, युवाओं और गरीबों के मुद्दे उठाते हैं लेकिन उन्हें डराने के लिए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसी कार्रवाई से डरने वाली नहीं है और कितनी भी प्राथमिकी दर्ज की जाएं उनका सामना किया जाएगा।

उन्होंने इस मामले में चुप्पी पर भी सवाल उठाए और कहा कि दलितों और महिलाओं पर अत्याचार के मामलों में उन्हें बोलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर सरकार हल्द्वानी में कुछ नहीं होने की बात कहती है और दूसरी ओर राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाती है। खरगे ने कहा "यह दो विचारधाराओं की लड़ाई भी है। विपक्ष के नेता को भी संरक्षण नहीं दिया जा रहा है जबकि संसद को संविधान के तहत चलाया जाना चाहिए। कांग्रेस जवाहरलाल नेहरू, डॉ. भीमराव अंबेडकर और महात्मा गांधी की विचारधारा के साथ आगे भी अपनी लड़ाई जारी रखेगी। कांग्रेस इस लड़ाई में राहुल गांधी को कमजोर नहीं होने देगी। पार्टी का इसी लड़ाई को आगे बढ़ाते हुए सात सितंबर को देहरादून में राज्य सचिवालय के घेराव का भी कार्यक्रम है।"

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को उत्तराखंड जाने से रोकने के सवाल पर खरगे ने कहा कि संविधान में आवागमन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है। कांग्रेस अपने सिद्धांत के लिए लड़ेगी और अपने विचार जनता के सामने रखती रहेगी।

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