वादे वही, नेता बदलते रहे...अंतिम पांच वार्डों की पड़ताल में भी समस्याओं का अंबार
वार्डवासियों ने कहा - वादे बहुत हुए, अब धरातल पर चाहिए विकास कार्य
कोटा। नगर निगम के नए सौ वार्डों की पड़ताल के अंतिम चरण में दैनिक नवज्योति की टीम मंगलवार को शेष पांच वार्डों में पहुंची और वहां की व्यवस्थाओं का जमीनी जायजा लिया। क्षेत्रवासियों से बातचीत में एक बार फिर मूलभूत सुविधाओं की कमी और विकास कार्यों को लेकर नाराजगी सामने आई। लोगों का कहना था कि चुनाव आते हैं तो विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं। क्षेत्रवासियों ने तंज कसते हुए कहा, “नेता जी बदलते रहेंगे, लेकिन वादे वही रहेंगे।”
दैनिक नवज्योति की टीम ने सौ वार्डों में विकास और समस्याओं की पड़ताल के दौरान शहर के विभिन्न इलाकों की तस्वीर सामने लाई है। अंतिम पांच वार्डों में पहुंचने पर भी हालात बहुत अलग नजर नहीं आए। कहीं जर्जर सड़कें लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं तो कहीं नालों की सफाई नहीं होने से गंदगी और दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में सामुदायिक भवन और सार्वजनिक शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों से उन्हें उम्मीद रहती है कि वे क्षेत्र की छोटी-बड़ी समस्याओं का समाधान करवाएंगे। हालांकि कई इलाकों में वर्षों से चली आ रही समस्याएं आज भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं।
वार्ड 99 में सुविधाओं का अभाव
क्षेत्रवासियों ने बताया कि इलाके में आज भी सामुदायिक भवन और सुलभ शौचालय जैसी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। लोगों को सामाजिक एवं पारिवारिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। सार्वजनिक शौचालय नहीं होने से भी क्षेत्रवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र में कई स्थानों पर नालियां भी नहीं बनी हुई हैं। इसके चलते घरों से निकलने वाले पानी की उचित निकासी नहीं हो पाती और लोगों को अपने स्तर पर व्यवस्था करनी पड़ती है। बारिश के दौरान यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि लंबे समय से इन सुविधाओं की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक अपेक्षित समाधान नहीं हो पाया है।
बालाकुंड में विकास की रफ्तार बेहद धीमी
वार्ड नंबर 96 के अंतर्गत आने वाले बालाकुंड क्षेत्र में विकास कार्यों की स्थिति को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई। क्षेत्रवासियों का कहना है कि इलाके में विकास कार्य न के बराबर हुए हैं। नियमित सफाई व्यवस्था नहीं होने के कारण कई स्थानों पर गंदगी पसरी रहती है। लोगों ने बताया कि क्षेत्र की कई सड़कों की हालत खराब है और आवश्यक स्थानों पर सीसी रोड का निर्माण भी नहीं हुआ है। क्षतिग्रस्त सड़कों से प्रतिदिन आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। स्थानीय निवासियों के अनुसार वर्षों से घरों के सामने कचरा संग्रहण पॉइंट बने हुए हैं, लेकिन इनका स्थायी और उचित समाधान अब तक नहीं किया गया।
वार्ड 97 में जर्जर सड़कों से परेशान लोग
वार्ड नंबर 97 के अंतर्गत आने वाले जवाहर नगर क्षेत्र में भी जर्जर सड़कें लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं।बारिश के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते हैं। टूटी सड़कों और गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन समस्या का पूर्ण समाधान नहीं हो पाया है।
गंदे नाले और दुर्गंध ने बढ़ाई मुश्किलें
वार्ड 97 में नालों की नियमित सफाई नहीं होने की शिकायत भी सामने आई। लोगों के अनुसार नालों में कचरा जमा होने से पानी की निकासी प्रभावित होती है और आसपास दुर्गंध फैलती रहती है। बारिश के दौरान कई बार नाले ओवरफ्लो होने लगते हैं, जिससे गंदा पानी सड़कों और आसपास के क्षेत्रों में फैल जाता है।
पूर्व पार्षद सुदर्शन गौतम
कार्यकाल से पहले क्षेत्र में नालों के ओवरफ्लो होने से गंदा पानी सड़कों और आसपास के इलाकों में भर जाता था। क्षेत्रवासियों को राहत दिलाई गई। करीब 10 करोड़ रुपए की लागत से क्षेत्र में सीसी सड़कों का निर्माण कराया गया। वर्तमान में भी विकास कार्य जारी हैं और पार्कों का निर्माण व विकास कराया जा रहा है। वार्ड में सामुदायिक भवन का निर्माण भी करवाया गया।
पूर्व वार्ड पार्षद नवीन यादव
क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या वर्षों से लंबित पट्टों की थी। लोगों को लंबे समय से पट्टे नहीं मिले थे, जिसके लिए प्रयास कर अनेक लोगों को पट्टे दिलवाए गए। वार्ड की गलियों में सीसी रोड और नालियों का निर्माण कराया गया। उन्होंने बताया कि क्षेत्रवासियों के राशन कार्ड भी बनवाए गए। हालांकि वार्ड में आज भी पार्क, सामुदायिक भवन और डिस्पेंसरी जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।
पूर्व पार्षद कुलदीप प्रजापति
कार्यकाल से पहले वार्ड में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब थी, जिसमें सुधार के लिए विशेष प्रयास किए गए। क्षेत्र में सीवेज कार्य करवाने के साथ पार्कों का जीर्णोद्धार भी कराया गया। जहां आवश्यकता और संभावना थी, वहां रोड लाइटें लगवाई गईं। उन्होंने बताया कि वार्ड में सामुदायिक भवन और सुलभ कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाओं का अभी भी अभाव है।
वार्डवासी करतार सिंह
सड़कें क्षतिग्रस्त होकर लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। साफ-सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है और जगह-जगह बने कचरा पॉइंट क्षेत्र की सुंदरता को बिगाड़ने के साथ लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। उनका कहना है कि नियमित सफाई और सड़कों की मरम्मत के लिए जिम्मेदार विभाग को गंभीरता से कार्य करना चाहिए, ताकि क्षेत्रवासियों को मूलभूत सुविधाएं मिल सकें।
वार्डवासी संतोष कुमार
क्षेत्र में कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, लेकिन उनकी समय पर मरम्मत नहीं होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वार्ड के नालों की नियमित और समयबद्ध सफाई भी नहीं होती। बारिश के दौरान यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है तथा गंदा पानी जमा होने की आशंका बनी रहती है।
वार्डवार नंबर व क्षेत्र
-वार्ड नंबर 96 में संपूर्ण बालाकुंड एवं अग्रसेन नगर का क्षेत्र शामिल है।
-वार्ड नंबर 97 में दानबाड़ी, संपूर्ण जवाहर नगर, डिस्ट्रिक्ट सेंटर, तलवंडी सेक्टर-सी एवं तलवंडी एसएफएस कॉलोनी का क्षेत्र शामिल है।
-वार्ड नंबर 98 में गणेश तालाब, बसंत विहार सेक्टर-2 एवं 3 का संपूर्ण क्षेत्र तथा बसंत विहार का आंशिक क्षेत्र शामिल है।
-वार्ड नंबर 99 में महावीर नगर विस्तार योजना-6 एवं सेक्टर-5 का संपूर्ण क्षेत्र, अग्रसेन नगर, गुर्जर बस्ती एवं गणेश तालाब सेक्टर-1 सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।
-वार्ड नंबर 100 में तीन बत्ती चौराहा मुख्य मार्ग, बसंत विहार का आंशिक क्षेत्र, केशवपुरा मूर्तिधाम सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।

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