विरासत के वैभव के बीच समस्याओं का चक्रव्यूह, हवामहल विधानसभा क्षेत्र की जनता मांगे जवाब
अतिक्रमण-जाम से लेकर सीवरेज, जलभराव और बिजली के तार तक जनता परेशान
जयपुर। गुलाबी नगरी की पहचान हवामहल विधानसभा क्षेत्र में एक तरफ विश्व प्रसिद्ध विरासत, मंदिर, बाजार और संस्कृति की चमक है तो दूसरी तरफ नागरिक समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। नए परिसीमन में विधानसभा क्षेत्र के हिस्से में 133 से 147 तक 15 वार्ड हैं। यहां वार्डों की संख्या भले कम हुई हो, लेकिन आबादी और क्षेत्रफल बढ़ने से जनप्रतिनिधियों के सामने चुनौतियां कम नहीं हुईं। परकोटे की संकरी गलियों में अतिक्रमण और जाम, पुरानी सीवरेज लाइनें, बरसात में जलभराव, कचरा, आवारा पशु और अवैध निर्माण आज भी प्रमुख समस्याओं में शामिल हैं।
विरासत के बीच विकास की परीक्षा :
हवामहल, गोविंद देवजी मंदिर, तालकटोरा, पौंड्रिक पार्क, चांदी की टकसाल और काले हनुमानजी मंदिर इस क्षेत्र की पहचान हैं। छोटी और बड़ी चौपड़, सुभाष चौक और आमेर रोड, ब्रह्मपुरी, गणगौरी जैसे बाजार व्यापार की धुरी हैं। वहीं क्षेत्र भौगोलिक और सामाजिक रूप से अलग-अलग हिस्सों में फैला होने के कारण हर इलाके की समस्याएं भी अलग हैं।
बड़ा सवाल ?
नया परिसीमन अब जनप्रतिनिधियों के सामने बड़ा क्षेत्र और बड़ी जिम्मेदारी लेकर आया है। विधायक विकास कार्यों की लंबी सूची गिना रहे हैं, जबकि नागरिक रोजमर्रा की समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। सवाल यही है—क्या विरासत की इस धरती पर विकास अब कागज से निकलकर गलियों तक पहुंचेगा?
हवामहल विधानसभा क्षेत्र की 10 प्रमुख समस्याएं :
अतिक्रमण - बाजारों और बरामदों में अतिक्रमण से रास्ते संकरे।
यातायात जाम - ब्रह्मपुरी, गणगौरी, चांदी की टकसाल, आमेर रोड, सुभाष चौक सहित प्रमुख मार्गों पर दबाव।
पार्किंग संकट - बाजार क्षेत्र में व्यवस्थित पार्किंग की कमी।
सीवरेज - पुरानी लाइनें चोक होने से परेशानी।
जलभराव - बारिश में कई स्थानों पर पानी जमा होने की समस्या।
पेयजल - पुरानी पाइपलाइनों को बदलने की जरूरत वाले क्षेत्र।
कचरा प्रबंधन - नियमित सफाई और कचरा उठाव चुनौती।
अवैध निर्माण - हेरिटेज स्वरूप से छेड़छाड़ की शिकायतें।
आवारा पशु - मवेशियों और बंदरों से दुर्घटना का खतरा।
बिजली के तार - खुले और लटके तार सुरक्षा के लिए चुनौती।

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