मुस्लिम बहुल सीटों पर भाजपा का कब्जा, कांग्रेस की साख पर सवाल
अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में सेंधमारी से भाजपा मजबूत
जयपुर। राजस्थान नगर निकाय चुनाव के नतीजे राजनीतिक समीकरणों को हिलाकर रख गए हैं। भाजपा ने न सिर्फ सर्वाधिक वार्ड जीतकर बढ़त बनाई, बल्कि प्रदेश की 20 से अधिक मुस्लिम बहुल विधानसभा सीटों पर कांग्रेस से आगे निकल गई। अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में यह सेंधमारी कांग्रेस के लिए बड़ा झटका साबित हुई है।
जयपुर के किशनपोल और हवामहल जैसे एक लाख मुस्लिम मतदाताओं वाले क्षेत्रों में कांग्रेस महज चार-चार वार्ड ही बचा पाई। चूरू, पुष्कर, रामगढ़, मसूदा, कामां, बृजनगर, नागौर, सवाई माधोपुर, लाडपुरा, पोकरण और तिजारा जैसी सीटों पर भी भाजपा हावी रही। पुष्कर में भाजपा 19 वार्ड जीती तो कांग्रेस सिर्फ 4, सवाई माधोपुर में 33 के मुकाबले 18 और नागौर में भी भाजपा आगे रही।
मकराना, फतेहपुर और आदर्श नगर में ही कांग्रेस कुछ बेहतर प्रदर्शन कर सकी। आदर्श नगर में 17 में से 10 वार्ड उसके खाते में गए। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, भाजपा सरकार द्वारा किए गए परिसीमन ने मिश्रित वार्ड बनाकर एक धर्म के वर्चस्व को तोड़ा, जिससे भाजपा को फायदा पहुंचा। कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेशाध्यक्ष एमडी चौपदार ने गुटबाजी और विधायकों को फ्री हैंड दिए जाने को नुकसान का कारण बताया। टिकट वितरण में संगठन की अनदेखी से बागी मैदान में उतरे और भाजपा को लाभ मिला। पंचायत चुनाव से पहले पार्टी को संगठन को मजबूत करने की जरूरत है।

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