असर खबर का : 4.08 करोड़ की लागत से बनी जीएनएम हॉस्टल की नई बिल्डिंग शुरू
10 कमरें आज से तैयार,सुरक्षा के लिए चार गार्ड तैनात
कोटा। एमबीएस अस्पताल परिसर स्थित जीएनएम हॉस्टल की नई बिल्डिंग को आखिरकार शुरू करने की कवायद पूरी हो गई है। लंबे समय से बंद पड़ी इस बिल्डिंग को चालू करने के आदेश जारी होने के बाद सफाई कार्य युद्धस्तर पर पूरा किया गया है। बजट स्वीकृति की प्रक्रिया जारी रहने तक पुराने हॉस्टल से मंगाए गए 25 बेडों के सहारे फिलहाल फर्स्ट फ्लोर के 10 कमरों का आज से संचालन शुरू किया जा रहा है। नई बिल्डिंग में छात्राओं के लिए लाइट, पंखे और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह चालू कर दी गई हैं।
साल भर पहले हैंडओवर अब शुरू
दैनिक नवत्योति ने 25 अगस्त काे प्रकाशित ''बजट और नियमों के पेंच में उलझी नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं की सुविधाएं'' शीर्षक से प्रकाशित खबर में 4.08 करोड़ की लागत से नर्सिंग कॉलेज के लिए नए बनाएं गये हॉस्टल के पुरा होने के बाद एनआरएचएम ने करीब1 साल पहले तत्कालीन प्रिन्सीपल काे बिल्डिंग सौप दी थी। लेकिन संचालन के लिए जरूरी बैड़ व किचन की सुविधा के न होने के कारण इसे शुरू नही किया जा सका था। जिसके बाद एमबीएस असपताल के अधीक्षक ने उक्त मामले पर कमेटी बना कर इसे शुरू करने के लिए कवायद शुरू की थी।
दूर-दराज की गरीब छात्राओं को मिलेगी प्राथमिकता
जीएनएम संस्थान के तीनों सेमेस्टर में लगभग 180 सीटे है। जिनमें से ज्यादातर छात्राएं बाहर की अध्ययनरत हैं,जबकि इस नए हॉस्टल की कुल क्षमता 50 छात्राओं की है। हॉस्टल आवंटन में दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाली और आर्थिक रूप से कमजोर (गरीब) छात्राओं को प्राथमिकता दी जाएगी। जर्जर व असुरक्षित हो चुके पुराने हॉस्टल में रह रही 3 जीएनएम छात्राओं को सबसे पहले इस नई बिल्डिंग में शिफ्ट किया जाएगा।
सुरक्षा दीवार के लिए एनएचएम को लिखा पत्र
नर्सिंग कॉलेज के प्रिंसिपल ने बताया कि हॉस्टल की पीछे की बाउंड्री वॉल छोटी होने से सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। आउटर हिस्से से चोरी की वारदातों को देखते हुए प्रशासन ने 27 तारीख को एनएचएम को पत्र भेजकर बाउंड्री वॉल को 2-2 फीट ऊंची कराने की मांग की है।
वार्डन व महिला गार्ड संभालेंगी व्यवस्था
हॉस्टल का जिम्मा लंबे समय से कार्यरत वार्डन नीलम रावत संभाल रही हैं। सुरक्षा के लिहाज से 4 गार्ड तैनात रहेंगे। इसके अलावा पुराने हॉस्टल में छात्राओं के साथ रह रही अनुभवी महिला गार्ड को भी नई बिल्डिंग में ही शिफ्ट किया जा रहा है, जिससे छात्राओं की सुरक्षा चाक-चौबंद रहे।
बजट आने तक हॉस्टल की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रशासन अपने स्तर पर प्रयास कर रहा है। हमने अन्य लोगों से भी सहयोग की अपील की है जिससें की अधिक से अधिक छात्राओं को नए हॉस्टल में रहने की सुविधा मिल सके।
- हरिप्रसाद अग्रवाल, प्रिंसिपल जीएनएम नर्सिंग कॉलेज एमबीएस
प्रशिक्षण संस्थान के प्रिंसीपल ने हॉस्टल के संचालन में आ रही कमियाें को उपलब्ध संसाधनों से हॉस्टल चलाने के लिए निर्देश मांगे थे नया बजट आने तक व छात्राओं को सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए हॉस्टल शुरू करने के लिए अनुमति दी गई है।
-डॉ. राकेश सिंह, अधीक्षक एमबीएस अस्पताल

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