जंतर-मंतर मार्च से पहले हिरासत में माकपा के कई वरिष्ठ नेता, बोले- भारत के लोग उठ खड़े हुए हैं और वे उन्हें रोक नहीं सकते

ये दबाने वाले तरीके हमें नहीं रोक पाएंगे

जंतर-मंतर मार्च से पहले हिरासत में माकपा के कई वरिष्ठ नेता, बोले- भारत के लोग उठ खड़े हुए हैं और वे उन्हें रोक नहीं सकते
इस्तीफे और मतदाता सूची के एसआईआर के विरोध में जंतर-मंतर जा रहे पिनराई विजयन, वृंदा करात, जॉन ब्रिटास समेत कई वामपंथी नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। विजयन ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताते हुए आरोप लगाया कि 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव आयोग के मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के शीर्ष नेताओं समेत कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए नेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री एवं केरलम विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन,  केरलम पूर्व वित्त मंत्री केएन. बालगोपाल, राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास, मणिकंतन वी. गोविंदान, वृंदा करात, केके शैलजा और पी राजीव शामिल हैं।

करात ने लिखा, केन्द्र सरकार को यह समझ लेना चाहिए कि भारत के लोग उठ खड़े हुए हैं और वे उन्हें रोक नहीं सकते। दिल्ली का दिल उसके सभी लोगों का है। ये दबाने वाले तरीके हमें नहीं रोक पाएंगे! चलो  जंतर-मंतर की ओर! केरलम भवन से बाहर निकलते ही पुलिस ने वामपंथी नेताओं को जंतर-मंतर की ओर मार्च करने से रोक दिया और उन्हें हिरासत में ले लिया। शुरुआत में पुलिस ने विजयन, ब्रिटास और केएन बालगोपाल को छोड़कर अन्य नेताओं को हिरासत में लिया था लेकिन जब ये तीनों नेता जंतर-मंतर की ओर बढऩे लगे तो पुलिस के साथ उनकी तीखी बहस हुई और पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया।

हिरासत में लिए जाने के दौरान मीडिया से बात करते हुए विजयन ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या करार दिया। उन्होंने कहा कि नागरिकों से उनकी सरकार चुनने का अधिकार छीना जा रहा है और 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह काम मुख्य चुनाव आयुक्त  ने सरकार के इशारे पर किया है और सरकार अब उन्हें बचाने के लिए गैर-कानूनी तरीके अपना रही है लेकिन यह विरोध आज खत्म नहीं होगा। विजयन ने कहा कि भारत देश कोई पुलिस राज्य नहीं, बल्कि एक लोकतांत्रिक देश है और सत्ताधारी दल के मन में लोकतंत्र के प्रति कोई सम्मान न होने के कारण ऐसी कार्रवाई की जा रही है। वहीं, सांसद जॉन ब्रिटास ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे।

गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर होने वाले इस प्रदर्शन को देखते हुए पूरी दिल्ली में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली की सभी सीमाओं को सील कर दिया गया है और सुरक्षा के मद्देनजर पैरामिलिट्री फोर्स की 221 कंपनियां तैनात की गई हैं। इसके अलावा 57 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं तथा जंतर-मंतर को किले में तब्दील कर दिया गया है। दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों से प्रदर्शन के लिए पहुंच रहे लोगों को पुलिस लगातार हिरासत में ले रही है।

Read More चुनाव आयोग पर विपक्ष का हमला तेज, संजय राउत बोले- 10 अक्टूबर को दिल्ली में होगा बड़ा संयुक्त विरोध प्रदर्शन

 

Read More राहुल गांधी ने सीएम मोहन यादव को लिखा पत्र, शिक्षक भर्ती के पद बढ़ाने, दूसरे चरण की काउंसलिंग शुरू करने की मांग

 

Read More सहकारिता विभाग में न्यायिक मामलों की स्थिति : 2897 मुकदमे, 69 में जवाब तक नहीं, 131 मामले 20 साल से ज्यादा पुराने

 

Tags: cpim

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

नौकरी तक सीमित नहीं युवा, नवाचार और कौशल से देश के विकास में दे रहे योगदान : भजनलाल शर्मा नौकरी तक सीमित नहीं युवा, नवाचार और कौशल से देश के विकास में दे रहे योगदान : भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि शंघाई में आयोजित 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता में भारतीय युवाओं का कौशल और मेहनत देश...
Voice Of Gen - Z & Alpha : रील की लत या ज्ञान का खजाना ! मोबाइल का इस्तेमाल कितना, यह तय करेंगे युवा
पर्ची लेकर भटकते मरीज, 3 बजे बाद बंद जांच व दवा काउंटर
वेनेजुएला सुलह बातचीत में राजनीतिक सुधारों पर प्रगति, अमेरिका ने कहा- एक हजार से अधिक राजनीतिक बंदियों को किया रिहा
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस : टूटने से संभलने तक की कहानी बनेगी किसी की जिंदगी का सहारा
Weather Update : राजस्थान में आज से दो दिन बदलेगा मौसम, बीकानेर संभाग और शेखावाटी में बारिश के आसार
कोटा-बारां फोरलेन पर हादसा : डोल मेले से लौट रहे दो युवकों की मौत