राकांपा शरद पवार की थी, है और रहेगी : सुप्रिया ने साधा सरकार पर निशाना, कहा- पार्टी का चुनाव चिह्न और पहचान धोखे से छीनी
सरकार के कामकाज की आलोचना की
मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की नेता सुप्रिया सुले ने अपनी पार्टी की 'दिन-दहाड़े हुई लूट' और बड़े पैमाने पर प्रशासनिक विफलता को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि असली राकांपा हमेशा से ही पार्टी प्रमुख शरद पवार के साथ जुड़ी रही है, चाहे विधायकों की संख्या कुछ भी हो। सुले ने रविवार को कई अहम राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर बात करते हुए राज्य सरकार के कामकाज की कड़ी आलोचना की। उन्होंने मराठा आरक्षण आंदोलन से लेकर अनाज में बड़े पैमाने पर मिलावट जैसे अहम संकटों से निपटने के सरकार के तरीकों पर सवाल उठाये। वहीं उच्चतम न्यायालय में चल रही कानूनी लड़ाई के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि राकांपा की स्थापना पवार ने दशकों तक जमीनी स्तर पर काम करके की थी, लेकिन पार्टी का चुनाव चिह्न और पहचान धोखे से छीन ली गयी।
सुले ने पार्टी में पड़ी फूट के मुद्दे पर कहा, अगर आप रात में किसी के घर में घुस जाएं और प्रॉपर्टी के कागजसत में हेराफेरी करके अपना नाम लिखवा लें, तो वह कानूनी तौर पर आपका घर नहीं बन जाता। उन्होंने कहा कि कि पार्टी के संविधान के कड़े नियमों के तहत, पार्टी के बुनियादी ढांचे, असली कागजात और जिला-स्तरीय संगठन की तुलना में ज्यादातर सांसदों या विधायकों का पाला बदलना कम अहमियत रखता है। उन्होंने कहा, चुने हुए प्रतिनिधियों की संख्या कुछ समय के लिए सच्चाई को धुंधला कर सकती है, लेकिन कागजों पर और हमारे संविधान के अनुसार राकांपा कल भी पवार की थी और आज भी उन्हीं की है। उन्होंने शीर्ष अदालत से इस मामले में जल्द सुनवाई करने की अपील की।

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