इजरायल में फंसा सत्ता का खेल! नेतन्याहू भी बहुमत से दूर, अब किसके हाथ आएगी बाजी?

अधूरी मतगणना ने बढ़ाया सियासी सस्पेंस

इजरायल में फंसा सत्ता का खेल! नेतन्याहू भी बहुमत से दूर, अब किसके हाथ आएगी बाजी?
चुनाव में 89.8 प्रतिशत मतों की गिनती के बाद भी किसी गठबंधन को बहुमत नहीं मिला। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के गठबंधन को 53, जबकि गादी आइजेनकोट के गठबंधन को 48 सीटें मिलने का अनुमान है। अरब पार्टियों के खाते में 19 सीटें जा सकती हैं। अब शेष मत तय करेंगे कि सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी।

यरुशलम। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के दक्षिणपंथी गठबंधन और गादी आइजनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन में से कोई भी संसद में बहुमत के लिए जरूरी 61 सीटें हासिल नहीं कर सका है। इससे कड़े मुकाबले वाले चुनाव के बाद देश में लंबे समय तक राजनीतिक गतिरोध बने रहने की आशंका गहरा गयी है। केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) ने बुधवार को बताया कि 89.8 प्रतिशत मतों की गिनती पूरी होने के बाद श्री नेतन्याहू के नेतृत्व वाले गठबंधन को 120 सदस्यीय नेसेट (इजरायली संसद) में 53 सीटें मिलने की संभावना है, जबकि याशर पार्टी के अध्यक्ष गादी आइजेनकोट के नेतृत्व वाले गठबंधन को 48 सीटें मिल सकती हैं। इस तरह दोनों गठबंधन बहुमत के आंकड़े से काफी दूर रहेंगे।

दोनों मुख्य रूप से अरब समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाली पार्टियों को मिलाकर ऐतिहासिक 19 सीटें मिलने का अनुमान है। मंगलवार को हुए चुनाव में अरब मतदाताओं ने रिकॉर्ड संख्या में मतदान किया। उनका उद्देश्य श्री नेतन्याहू और उनके धुर दक्षिणपंथी सहयोगियों को सत्ता से हटाना था। इससे इन दोनों पार्टियों की सरकार गठन में निर्णायक भूमिका निभाने की संभावना बन गई है। इससे पहले इन पार्टियों का सर्वाधिक प्रदर्शन 15 सीटों का था। कल शाम तक सामने आ रही तस्वीर चुनाव से पहले के हफ्तों और महीनों में अधिकांश प्रमुख सर्वेक्षणों के अनुमानों से अलग थी। लगभग सभी प्रमुख सर्वेक्षणों में आइजेनकोट के नेतृत्व वाले गठबंधन को अलग-अलग अंतर से श्री नेतन्याहू के गठबंधन से आगे दिखाया गया था। उन सर्वेक्षणों में भी किसी गठबंधन को सरकार बनाने के लिए स्पष्ट बहुमत मिलने के संकेत नहीं थे।

रात भर और बुधवार दोपहर तक मतगणना आगे बढ़ने के साथ ही स्पष्ट होने लगा कि एग्जिट पोल के अनुमान सही साबित नहीं हुए। नेतन्याहू की पार्टी और उनके नेतृत्व वाला गठबंधन, दोनों ही आइजेनकोट के गठबंधन से आगे निकल गए। बुधवार रात नौ बजे के तुरंत बाद जारी अपडेट में सीईसी ने बताया कि कुल मतों में से 89.8 प्रतिशत की गिनती हो चुकी है। इसमें लगभग सभी नियमित मतदान केंद्रों के मतों की गिनती के परिणाम शामिल थे। सीईसी ने एक बयान में कहा कि शेष सामान्य मतपत्रों की गिनती के लिए अतिरिक्त निगरानी की आवश्यकता होगी, जिसके कारण देरी होने की आशंका है। इसके अलावा, सीईसी ने बताया कि तथाकथित दोहरे लिफाफे वाले लगभग 4.30 लाख से 4.80 लाख मतों की गिनती अभी बाकी है। इन मतों की गिनती गुरवार तड़के एक बजे शुरू होगी और शाम तक पूरी होने की उम्मीद है।

सीईसी ने कहा कि दोहरे लिफाफे वाले मतों की अनुमानित संख्या अस्थायी है, क्योंकि अधिकारी अभी भी मतपत्र प्राप्त करने और उनकी प्रक्रिया पूरी करने में जुटे हैं। ये मत मुख्य रूप से सैनिकों, कैदियों, विदेशों में तैनात राजनयिकों और अन्य ऐसे लोगों ने डाले हैं, जो अपने निर्धारित मतदान केंद्रों पर वोट देने में असमर्थ थे। इन मतों की गिनती अलग से की जाती है। कल शाम तक इनकी गिनती शुरू नहीं हुई थी, क्योंकि अधिकारियों को यह सत्यापित करना होता है कि संबंधित मतदाता ने किसी अन्य स्थान पर पहले से मतदान नहीं किया है। इसलिए मतगणना के पूर्ण आंकड़े आज पदोपहर तक जारी किए जाने थे। चुनाव के अंतिम और आधिकारिक परिणाम चार नवंबर को प्रकाशित किए जाने की उम्मीद है।

Read More पंजाब विधानसभा में मिनट का सत्र, कई सवाल… अब भगवंत मान से इस्तीफे की मांग

नेसेट की प्रत्येक सीट के लिए लगभग 40,000 मतों का महत्व माना जा रहा है। ऐसे में अनुपस्थित मतदाताओं के ये मत अंतिम राजनीतिक तस्वीर को प्रभावित कर सकते हैं। अगले एक-दो दिनों में इन मतों को कुल मतगणना के आंकड़ों में शामिल किए जाने की उम्मीद है। इस बीच जो तस्वीर उभर रही थी, उससे देश में राजनीतिक विभाजन स्पष्ट हो रहा था। नेतन्याहू के गठबंधन या आइजेनकोट के गठबंधन में से किसी को भी स्पष्ट जीत मिलती नहीं दिख रही थी। ऐसी स्थिति में सरकार गठन के लिए दोनों गठबंधनों को या तो एक-दूसरे के साथ काम करने के लिए तैयार होना होगा या फिर अरब नेतृत्व वाली राम और ज्वाइंट लिस्ट पार्टियों का सहयोग लेना होगा।

Read More कहर बरपाने के लिए तैयार चक्रवात ‘अर्नब’: आंध्र-ओडिशा में रेड अलर्ट, 60 से ज्यादा ट्रेनें रद्द

 

Read More राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी, किसे बचा रही भाजपा? जयराम ने उठाए सवाल

 

 

Tags: netanyahu

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी, किसे बचा रही भाजपा? जयराम ने उठाए सवाल राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी, किसे बचा रही भाजपा? जयराम ने उठाए सवाल
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कांग्रेस ने भाजपा पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया है। जयराम रमेश ने...
पंचायत चुनाव से पहले पुलिस का शिकंजा : 84 गिरफ्तार, 41 वारंटी और 43 अन्य आरोपी पकड़े
जनता क्लिनिक पर किराये का ‘करंट’, 64 हजार महीने की दर से अटका फैसला
बैलेट पेपर से चुनाव में भी कांग्रेस को हार, EVM पर सवाल उठाने से नहीं बदलेगा जनादेश : भजनलाल शर्मा 
वाराणसी और नागपुर में भाजपा की हार पर जयराम की केंद्र को दे डाली सलाह, जानें क्या बोले..?
Voice Of Youth : स्कूलों में किताबें ही नहीं, नैतिकता और संस्कारों का भी पढ़ाया जाए पाठ, मासूमों की सुरक्षा में चूक पर जवाबदेही तय करे प्रशासन
करवाचौथ स्पेशल : मेहंदी के रंगों में रचा करवाचौथ, हथेलियों पर उकेरी प्रेम और परंपरा की तस्वीर