जनता क्लिनिक पर किराये का ‘करंट’, 64 हजार महीने की दर से अटका फैसला
सीएमएचओ में हो रहा मंथन अब फिर से नई फाईल की तैयारी
कोटा। कोटा में 16 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोलने की कवायद धीमी, 10 केंद्रों पर प्रक्रिया अधूरी; 41 से 64 हजार रुपए तक मासिक किराये की दरों से बजट पर दबाव आमजन को घर के नजदीक प्राथमिक उपचार और निशुल्क दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू होने वाली आयुष्मान आरोग्य मंदिर (जनता क्लिनिक) योजना किराये की ऊंची दरों और तकनीकी प्रक्रियाओं में उलझ गई है। कोटा शहर में 16 नए केंद्र खोलने की अनुमति मिलने के बावजूद कई स्थानों पर किराया अनुबंध और भवनों के आकलन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से कुछ भवनों का मासिक किराया 41 हजार से 64 हजार रुपए तक निर्धारित किए जाने के बाद चिकित्सा विभाग के सामने वित्तीय स्वीकृति की चुनौती खड़ी हो गई है।
बरडा बस्ती में 63,390 रुपए मासिक किराया
अनंतपुरा क्षेत्र के बरडा बस्ती (तालाब गांव क्षेत्र) में प्रस्तावित जनता क्लिनिक के भवन का पीडब्ल्यूडी ने 63,390 रुपए प्रतिमाह किराया निर्धारित किया है। इस हिसाब से सालाना किराया करीब 7.60 लाख रुपए होगा। इतनी बड़ी राशि के चलते अभी तक वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल पाई है। यदि विभाग इस दर पर सहमति नहीं देता है तो नए भवन की तलाश और दोबारा आकलन की प्रक्रिया करनी होगी। इससे क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
रिद्धि-सिद्धि नगर में भी 41 हजार से ज्यादा
कुन्हाड़ी क्षेत्र के रिद्धि-सिद्धि नगर स्थित जनता क्लिनिक (मकान नंबर ए-84) के लिए पीडब्ल्यूडी नगर खंड ने 41,572 रुपए प्रतिमाह किराया निर्धारित किया है। इसका वार्षिक किराया करीब पांच लाख रुपए होगा। अन्य खर्च अलग होंगे। इस संबंध में रिपोर्ट सीएमएचओ कार्यालय से एनयूएचएम के शहरी जिला कार्यक्रम प्रबंधक को आगे की प्रक्रिया के लिए भेजी गई है। यहां भी बजट और वित्तीय नियमों के अनुरूप निर्णय का इंतजार है।
तकनीकी अधिकारी की कमी से बढ़ी उलझन
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कोटा में अधिशाषी अभियंता स्तर के तकनीकी अधिकारी की अनुपलब्धता के कारण किराया निर्धारण के लिए पीडब्ल्यूडी से आकलन करवाया गया था। अब निर्धारित दरों पर अनुबंध और वित्तीय स्वीकृति को लेकर चिकित्सा विभाग में विचार-विमर्श चल रहा है। भवन चयन, किराया निर्धारण और आकलन की फाइल संबंधित पीएचसी स्तर से तैयार होकर आगे भेजी जाती है।
10 केंद्रों की प्रक्रिया बाकी
जिले में पहले से 40 शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं। इनमें कई केंद्र सरकारी या सामुदायिक भवनों में चल रहे हैं। पहले किराये की दरें सामान्यतः 15 से 25 हजार रुपए प्रतिमाह तक बताई गई हैं। इस साल 16 नए केंद्र खोलने की अनुमति मिली है, लेकिन इनमें से 10 केंद्रों की प्रक्रिया अभी बाकी है। कुछ स्थानों पर सरकारी जमीन या भवनों की री-ब्रांडिंग और निर्माण के एस्टीमेट भी नहीं मिले हैं।
नियमों के आधार पर तय होती हैं दरें
पीडब्ल्यूडी के अधिशाषी अभियंता अशोक सानाढ्य ने बताया कि किराया आकलन सरकारी नियमों के अनुसार किया जाता है। एक्स-3/2021 के प्रावधानों के तहत भवन के क्षेत्रफल, डीएलसी दर, निर्माण, व्यावसायिक उपयोग और मंजिल जैसे आधारों पर किराया तय किया जाता है।
वहीं, सीएमएचओ डॉ. नरेन्द्र नागर के अनुसार, 16 नए शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को लेकर एनएचएम को पत्र लिखा गया है। जवाब मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी। किराया निर्धारण के लिए संबंधित अधिकारियों से भी पत्राचार किया जा रहा है। अब सवाल यह है कि वित्तीय स्वीकृति और भवन चयन की प्रक्रिया कब पूरी होगी, ताकि लोगों को घर के पास प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

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