परिवहन विभाग : डीएल को लेकर बड़ा बदलाव, 1 जनवरी से लागू होगा नया फ्रेमवर्क
नवीनीकरण के लिए नया लर्नर लाइसेंस बनवाने की जरूरत नहीं होगी
जयपुर। केंद्र सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) के वर्गीकरण के नए फ्रेमवर्क को मंजूरी दी है। यह व्यवस्था 1 जनवरी 2027 से लागू होगी। इसके तहत सारथी पोर्टल पर लाइसेंस को एक्टिव कम्प्लायंट, ड्यू रिन्यूअल, टेम्परेरी और परमानेंट आर्काइव की चार श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा। लाइसेंस की वैधता, एक्सपायरी और धारक की उम्र के आधार पर श्रेणी तय होगी। 75 वर्ष से कम और 75 वर्ष या अधिक उम्र के लाइसेंस धारकों के लिए अलग-अलग समय-सीमा निर्धारित की गई है। चार साल से अधिक समय से एक्सपायर्ड लाइसेंस परमानेंट आर्काइव में जाएंगे। 75 वर्ष से अधिक उम्र वालों के दो साल से ज्यादा एक्सपायर्ड लाइसेंस भी इसी श्रेणी में रखे जाएंगे। एक साल से अधिक समय से एक्सपायर्ड लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए ड्राइविंग टेस्ट देना जरूरी होगा।
नवीनीकरण के लिए नया लर्नर लाइसेंस बनवाने की जरूरत नहीं होगी। डुप्लीकेट रिकॉर्ड की पहचान कर एक रिकॉर्ड रखा जाएगा। ट्रांसपोर्ट और नॉन-ट्रांसपोर्ट लाइसेंस धारकों को चयन के लिए 30 दिन मिलेंगे। मृत घोषित धारकों के रिकॉर्ड परमानेंट आर्काइव में जाएंगे। लाइसेंस की स्थिति बदलने पर वाहन चालकों को ऑटोमैटिक संदेश भेजे जाएंगे।

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