ऑपरेशन सिंदूर का असर : रक्षा मंत्रालय को 7.85 लाख करोड़ का प्रावधान, आकस्मिक स्थिति से निपटने की रक्षा तैयारियों को आगे बढाने पर जोर
आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में एक निर्णायक कदम
वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में रक्षा मंत्रालय के लिए सबसे अधिक 7.85 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो कुल बजट का 14.68 प्रतिशत और पिछले वर्ष के बजट से 15 प्रतिशत अधिक है।
नई दिल्ली। सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा को पूरी तरह चाक चौबंद और पुख्ता बनाने के लिए केन्द्रीय बजट में रक्षा मंत्रालय के लिए सबसे अधिक 7.85 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है जो कुल बजट का 14.68 प्रतिशत तथा पिछले वित्त वर्ष के बजट से 15 प्रतिशत अधिक है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया, जिसमें रक्षा मंत्रालय के लिए 7.85 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो मंत्रालयों में सबसे अधिक है। ऑपरेशन के बाद आये इस पहले बजट में किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने की रक्षा तैयारियों को तेजी से आगे बढाने और सेनाओं के आधुनिकीकरण पर पूरा जोर दिया गया है। रक्षा बजट के लिए आवंटित राशि कुल सकल घरेलू उत्पाद का 1.99 प्रतिशत है।
बजट में वायु सेना के लिए 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के मद्देनजर पूंजीगत बजट में अच्छी खासी बढोतरी की गयी है जो 2.19 लाख करोड़ रुपये है। सेनाओं के आधुनिकीकरण के लिए 1.85 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो पिछले वर्ष की तुलना में 24 प्रतिशत अधिक है। बजट में पेंशन के लिए 1.71 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जबकि पिछली बार 1.60 लाख करोड़ रुपये था। अनुसंधान और विकास के लिए भी 17250 करोड़ रुपये का प्रावधान है जो पिछली बार 14923 करोड़ रुपये था। बजट पेश होने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ ङ्क्षसह ने कहा कि ऑपरेशन की ऐतिहासिक सफलता के बाद आए इस बजट ने देश की रक्षा व्यवस्था को और म•ाबूत बनाने के सरकार के संकल्प को, और सु²ढ़ किया है।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष सेनाओं के कुल पूंजीगत व्यय के लिए 2.19 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस बजट का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष हमारी तीनों सेनाओं के आधुनिकीकरण का है। इसके लिए इस वर्ष 1.85 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में लगभग 24 प्रतिशत अधिक है। इससे देश की सैन्य क्षमता और अधिक सशक्त होगी। रक्षा मंत्री ने कहा कि भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण को भी इस बजट में प्रमुखता दी गयी है भूतपूर्व सैनिक स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत वर्तमान वर्ष की तुलना में लगभग 45 प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हुए 12,100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि यह बजट सुरक्षा, विकास औरआत्मनिर्भरता के संतुलन को मजबूत करता है। इसका उद्देश्य सैन्य तैयारियों को मजबूत करना, नवाचार को बढ़ावा देना और देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करना है।
रक्षा मंत्रालय ने भी कहा है कि रक्षा बजट प्रौद्योगिकी की ²ष्टि से उन्नत और आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में एक निर्णायक कदम है। यह वर्ष 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने के वि•ान के अनुरूप है। इसमें आधुनिकीकरण, प्रौद्योगिकी नवाचार और संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग के लिए सरल एवं प्रभावी खरीद प्रक्रियाओं पर विशेष जोर दिया गया है। मंत्रालय ने कहा है कि मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से रक्षा मंत्रालय के बजट में निरंतर बढोतरी की गयी है। वित्त वर्ष 2021-22 में रक्षा मंत्रालय का बजट 4.84 लाख करोड़ रुपये, 2022-23 में 5.25 लाख करोड़ रुपये, 2023-24 में 5.94 रुपये, 2024-25 में 6.2 लाख करोड़ रुपये और 2025-26 में 6.81 लाख करोड़ रुपये था।

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