बर्फीले पहाड़, माइनस तापमान और दुश्मन पर नजर… हिमवीरों को मोदी का सलाम

माइनस तापमान में भी नहीं डिगते कदम

बर्फीले पहाड़, माइनस तापमान और दुश्मन पर नजर… हिमवीरों को मोदी का सलाम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आईटीबीपी स्थापना दिवस पर हिमवीरों के साहस, शौर्य और बलिदान को सलाम किया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा में जवानों का योगदान प्रेरणादायी है। शून्य से नीचे तापमान, दुर्गम पहाड़ और ऑक्सीजन की कमी के बीच तैनात ये जवान भारत-चीन सीमा की रक्षा के साथ आपदा में भी देवदूत बनते हैं।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के स्थापना दिवस पर जवानों को शुभकामनाएं दीं और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने में उनके योगदान की सराहना करते हुए उनके असाधारण साहस, दृढ़ संकल्प और निस्वार्थ सेवा को नमन किया। मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक संदेश में कहा कि हिमवीरों के नाम से प्रसिद्ध आईटीबीपी के जवानों ने अपने असाधारण शौर्य से विशिष्ट पहचान बनायी है और हर चुनौती का सामना उल्लेखनीय दृढ़ संकल्प के साथ किया है। उन्होंने कहा, उनकी निस्वार्थ सेवा और बलिदान देश के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा हैं।

भारत-चीन युद्ध के बाद देश की हिमालयी सीमा पर सुरक्षा मजबूत करने के उद्देश्य से 24 अक्टूबर, 1962 को आईटीबीपी की स्थापना की गयी थी। यह भारत के केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में से एक है और मुख्य रूप से भारत-चीन सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाता है। यह बल दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनात रहता है। आईटीबीपी के जवान अत्यधिक कठिन मौसमी परिस्थितियों में सेवाएं देते हैं। उन्हें शून्य से नीचे के तापमान, दुर्गम पर्वतीय दर्रों, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और ऑक्सीजन की कमी वाले वातावरण में काम करना पड़ता है। विशेष प्रशिक्षण के कारण वे कठिन गश्त करने और संवेदनशील सीमा पर सतर्कता बनाए रखने में सक्षम हैं। वे अक्सर ऐसे दूरदराज के इलाकों में तैनात रहते हैं, जहां पहुंचना और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना भी चुनौतीपूर्ण होता है।

पिछले कई दशकों में हिमवीरों ने पर्वतीय क्षेत्रों में आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों, लापता लोगों की तलाश और मानवीय सहायता पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके परिचालन कौशल और कठिन परिस्थितियों में काम करने की क्षमता ने उन्हें भारत की सीमा सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री का संदेश उन जवानों के समर्पण और बलिदान को सम्मान देने का प्रतीक है, जो देश की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए कठिन परिस्थितियों में अपनी सेवाएं देते हैं। यह वार्षिक अवसर बल की गौरवशाली विरासत को याद करने और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति उसके जवानों की प्रतिबद्धता को सम्मानित करने का अवसर है। ये जवान अक्सर अपने परिवारों से दूर रहकर देश के सबसे कठिन और प्रतिकूल वातावरण वाले क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं।

 

Read More विजयादशमी पर खरगे और प्रियंका गांधी ने देशवासियों को दी शुभकामनाएं, सत्य और न्याय की विजय का दिया संदेश

Tags: enemy

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

कहीं ‘मूर्ख चंद्र यादव’, कहीं ‘राम ने यादव को मारा’! वोटर लिस्ट में ऐसे नाम देख कांग्रेस भड़की, जयराम बोले- भाजपा को फायदा पहुंचाने की साजिश कहीं ‘मूर्ख चंद्र यादव’, कहीं ‘राम ने यादव को मारा’! वोटर लिस्ट में ऐसे नाम देख कांग्रेस भड़की, जयराम बोले- भाजपा को फायदा पहुंचाने की साजिश
मतदाता सूची में कहीं ‘राम ने यादव को मारा’, तो कहीं पिता का नाम ‘मूर्ख चंद्र यादव’! कांग्रेस ने इन...
सरकारी चिकित्सा संस्थानों में गर्भवती महिलाओं की स्क्रीनिंग, जोखिम वाले मामलों को किया चिन्हित
चोरी का सामान खरीदने वाले कबाड़ी समेत गिरोह के 6 बदमाश गिरफ्तार, माल बरामद
ब्लेस्ड होम आनंद में बनेगा शिव परिवार और राधा-गोविंद मंदिर , शुक्रवार को मंदिर की भूमि पूजन
बर्फीले पहाड़, माइनस तापमान और दुश्मन पर नजर… हिमवीरों को मोदी का सलाम
यूक्रेन के अभिजात वर्ग पर मस्क का निशाना, बोले- एक तरफ अरबों डॉलर, दूसरी तरफ युद्ध में झोंके जा रहे युवा!
विदेशी संगठनों से मुलाकात और फंडिंग पर राहुल गांधी जवाब दें : राठौड़