लाल सागर में बढ़ा तनाव: हूतियों के मिसाइल हमलों से मोखा बंदरगाह ठप, 7 लोगों की मौत; 1.6 करोड़ डॉलर के नुकसान के बाद बंद हुआ संचालन

मिसाइल हमलों से समुद्री सुरक्षा चिंता में

लाल सागर में बढ़ा तनाव: हूतियों के मिसाइल हमलों से मोखा बंदरगाह ठप, 7 लोगों की मौत; 1.6 करोड़ डॉलर के नुकसान के बाद बंद हुआ संचालन
यमन के रणनीतिक मोखा बंदरगाह पर हूती विद्रोहियों के 25 से अधिक मिसाइल हमलों के बाद व्यापारिक और समुद्री गतिविधियां रोक दी गई हैं। इन हमलों में 7 लोगों की मौत हुई और करीब 1.6 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ। लाल सागर के महत्वपूर्ण जलमार्ग पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

ताइज़। यमन के रणनीतिक लाल सागर स्थित मोखा बंदरगाह ने हाल के दिनों में 25 से अधिक मिसाइल हमलों के बाद वाणिज्यिक और समुद्री गतिविधियां निलंबित कर दी हैं। इन हमलों में सात लोगों की मौत हुई है और करीब 1.6 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ है। बंदरगाह निदेशक ने कहा कि मिसाइल हमलों से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ, जिसके कारण परिचालन रोकना पड़ा। मोखा बंदरगाह बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास स्थित है, जो लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ने वाला प्रमुख समुद्री मार्ग है।

यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के अनुसार, हूती विद्रोहियों ने शुक्रवार को मोखा पर छह बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने कहा कि हमलों में सऊदी सैनिकों के ठिकानों और हथियारों के साथ-साथ सऊदी समर्थित यमनी सरकार से जुड़े बलों की सैन्य नौकाओं को निशाना बनाया गया। नौ अगस्त को भी मोखा पर हूती हमले में सात लोगों की मौत और 30 के घायल होने की जानकारी सामने आयी थी। हूतियों ने उस समय भी सऊदी सैनिकों के ठिकानों और हथियार डिपो को निशाना बनाने का दावा किया था।

हालिया हमलों से यमन में लंबे समय से जारी संघर्ष विराम के कमजोर पड़ने और लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका बढ़ गयी है। ईरान समर्थित हूती, जिन्हें अंसार अल्लाह के नाम से भी जाना जाता है, उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर नियंत्रण रखते हैं। इनमें राजधानी सना और लाल सागर का विस्तृत तटीय क्षेत्र शामिल है। संगठन ने क्षेत्रीय संघर्षों के दौरान लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों को भी निशाना बनाया है।

यमन में संघर्ष एक दशक से अधिक समय से जारी है और मुख्य रूप से हूतियों तथा सऊदी अरब और अन्य क्षेत्रीय देशों के समर्थन वाली अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के बीच है। सऊदी अरब ने 2015 में हूतियों के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया था। संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में 2022 में हुए संघर्ष विराम से लड़ाई की तीव्रता कम हुई थी, लेकिन स्थायी शांति कायम नहीं हो सकी। मोखा बंदरगाह पर ताजा हमलों ने लाल सागर में समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय व्यापार को लेकर चिंताएं और बढ़ा दी हैं।

Read More पश्चिम बंगाल उपचुनाव: भाजपा ने की उम्मीदवारों की घोषणा, 6 अक्टूबर को होंगे चुनाव

Post Comment

Comment List

Latest News

न्यूयॉर्क में भारत और वाइशेग्राद समूह की पहली विदेश मंत्री बैठक; व्यापार, सुरक्षा और तकनीक समेत सहयोग बढ़ाने पर सहमति न्यूयॉर्क में भारत और वाइशेग्राद समूह की पहली विदेश मंत्री बैठक; व्यापार, सुरक्षा और तकनीक समेत सहयोग बढ़ाने पर सहमति
संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान भारत और मध्य यूरोपीय वाइशेग्राद समूह (V4 - स्लोवाकिया, पोलैंड, चेक गणराज्य, हंगरी) के विदेश...
पोकलेन मशीन गहरी खाई में गिरी : ऑपरेटर की मौत, जानें पूरा मामला
जिस आंचल ने दिया था छांव का सुकून, उसी ने उजाड़ दी सांझ: जयपुर में पोते ने की बुजुर्ग दादी की निर्मम हत्या
34 दिन बाद राजस्थान के 309 नगरीय निकायों से हटी आचार संहिता
उत्तर प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 34 आईएएस अधिकारियों के तबादले, नौ जिलों के जिलाधिकारी बदले गए
ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए न्यूयॉर्क रवाना, युद्ध खत्म करने और वैश्विक विश्वास बहाली की उम्मीद जताई
जयपुर में 24 से 27 सितंबर तक ENT की राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस, AI-रोबोटिक सर्जरी पर होगा फोकस