ईरान के यूरेनियम संवर्धन केंद्र पर हमला, रेडियोधर्मी रिसाव नहीं: ईरान ने भी 4,000 किलोमीटर दूर डिएगो गार्सिया पर दागी मिसाइलें

हिंद महासागर तक पहुंची जंग: नतान्ज़ और डिएगो गार्सिया पर हमले

ईरान के यूरेनियम संवर्धन केंद्र पर हमला, रेडियोधर्मी रिसाव नहीं: ईरान ने भी 4,000 किलोमीटर दूर डिएगो गार्सिया पर दागी मिसाइलें

ईरान के नतान्ज़ परमाणु केंद्र पर इजरायल-अमेरिका के हमले के जवाब में ईरान ने डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे पर मिसाइलें दागीं। पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पेजेश्कियन से बात कर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और नौवहन स्वतंत्रता पर चिंता जताई। इस बीच, ट्रंप प्रशासन द्वारा तेल बिक्री में दी गई छूट को ईरान ने बाजार भ्रम बताकर खारिज कर दिया है।

तेहरान। इजरायल और अमेरिका ने शनिवार को ईरान के नतान्ज़ में यूरेनियम संवर्धन केंद्र पर हमले किए, हालांकि किसी भी रेडियोधर्मी रिसाव की सूचना नहीं मिली है। ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन (एईओआई) ने इस हमले की जानकारी देते हुए बताया, नतान्ज में शहीद अहमद रौशन यूरेनियम संवर्धन केंद्र पर शनिवार सुबह हमला किया गया।  एजेंसी ने कहा कि किसी भी रेडियोधर्मी रिसाव का पता नहीं चला है और आसपास की आबादी के लिए कोई खतरा नहीं है। 

इसने हमले की निंदा करते हुए यह भी कहा कि इस तरह की कार्रवाइयां अंतरराष्ट्रीय परमाणु सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करती हैं। उधर, ईरान ने हिंद महासागर में स्थित अमेरिकी-ब्रिटिश सैन्य ठिकाने डिएगो गार्सिया पर दो मध्यवर्ती दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें (आईआरबीएम) दागीं, हालांकि हमले में किसी के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है।

पश्चिमी एशिया से निकल हिंद महासागर तक पहुंची जंग: ईरान की मेहर समाचार एजेंसी ने बताया, ईरान ने हिंद महासागर के मध्य में स्थित एक संयुक्त अमेरिकी-ब्रिटिश सैन्य अड्डे ‘डिएगो गार्सिया’ पर दो आईआरबीएम मिसाइलें दागीं। डिएगो गार्सिया पर यह हमला पश्चिमी एशिया में चल रहे युद्ध में एक बड़े तनाव का प्रतीक है तथा इस बात का संकेत है कि अब युद्ध पश्चिमी एशिया से निकलकर हिंद महासागर तक पहुंच गया है। 

अमेरिका ने दी ईरान को तेल बेचने की छूट ईरान ने कहा: कोई तेल नहीं है

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इस बीच अमेरिका ने प्रतिबंधों में अस्थाई ढील देते हुए ईरान को उस कच्चे तेल को बेचने की अनुमति दी है, जो उसने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में जमा कर रखा है, लेकिन ईरान के कहा है कि उसके पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ‘कोई तेल नहीं’ है। तेल बाजार में बढ़ती कीमतों को शांत करने के उद्धेश्य से, ट्रम्प प्रशासन ने ईरान को लगभग 140 मिलियन बैरल कच्चा तेल बेचने के लिए अस्थाई छूट दी है। अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए कोई अधिशेष नहीं   -ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने ईरानी तेल मंत्रालय के प्रवक्ता समन घौदौसी के हवाले से कहा कि वर्तमान में ईरान के पास पानी में कोई कच्चा तेल नहीं बचा है और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए कोई अधिशेष नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी वित्त मंत्री की टिप्पणी का उद्देश्य बाजार की धारणा को प्रभावित करना था। अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा था कि छूट से वैश्विक बाजारों में लगभग 140 मिलियन बैरल तेल आएगा और ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी। 

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ईरान से लगभग 4,000 किलोमीटर दूर डिएगो गार्सिया पर हमले का तात्पर्य है कि ईरान की मिसाइलों की मारक क्षमता पहले के अनुमान से कहीं अधिक है। एमएनए ने कहा कि ईरान द्वारा अमेरिका के सुदूर सैन्य अड्डे को निशाना बनाना लंबी दूरी के ठिकानों को भेदने की उसकी मिसाइल क्षमता को प्रदर्शित करता है।

अराघची ने कहा यह हमारा आत्मरक्षा का अधिकार 

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने डिएगो गार्सिया पर हमले को ‘आत्मरक्षा का अधिकार’ बताते हुए कहा कि इस आधार को ‘ईरान के खिलाफ हमले’ के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति देने से ब्रिटिश नागरिकों की जान खतरे में पड़ गई है। 

डिएगो गार्सिया अमेरिका का महत्वपूर्ण केंद्र  

डिएगो गार्सिया अमेरिका की लंबी दूरी के बमवर्षकों विमानों और नौसैनिक संपत्तियों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र है। इसे निशाना बनाने का उद्देश्य पूरे एशिया में अमेरिकी सेना की सैन्य आपूर्ति के साथ-साथ रसद आपूर्ति को बाधित करना है।   

मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति के साथ की बात

पश्चिम एशिया में निरंतर गहराते संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन से बातचीत की और उन्हें ईद तथा नवरोज की शुभकामनाएं देने के साथ-साथ क्षेत्र की स्थिति पर भी विस्तृत चर्चा की। मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा की, जो क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालते हैं और वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं को बाधित करते हैं। उन्होंने नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा करने और यह सुनिश्चित करने के महत्व को दोहराया कि समुद्री मार्ग खुले और सुरक्षित बने रहें। 

पीएम मोदी ने अपनी पोस्ट में कहा कि राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेश्कियन से बातचीत की और ईद तथा नवरोज की शुभकामनाएं दीं। हमने आशा व्यक्त की कि यह उत्सव का मौसम पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि लेकर आए। क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों पर हुए हमलों की निंदा की, जो क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालते हैं और वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं को बाधित करते हैं। नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा करने और यह सुनिश्चित करने के महत्व को दोहराया कि समुद्री मार्ग खुले और सुरक्षित बने रहें। ईरान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और संरक्षा के लिए ईरान के निरंतर समर्थन की सराहना की। 

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