अर्थव्यवस्था की स्थिति से घबराई सरकार : निवेश बढ़ाने के लिए अध्यादेश लाने की तैयारी, जयराम बोले- देश में निजी कॉरपोरेट निवेश बेहद कमजोर

तात्कालिक उपायों के बजाय निवेश और उत्पादन को बढ़ावा देने वाली नीतियों पर ध्यान दे सरकार

अर्थव्यवस्था की स्थिति से घबराई सरकार : निवेश बढ़ाने के लिए अध्यादेश लाने की तैयारी, जयराम बोले- देश में निजी कॉरपोरेट निवेश बेहद कमजोर
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सुस्त निवेश, कमजोर मांग और घटते निजी निवेश से जूझ रही अर्थव्यवस्था के बीच सरकार एफपीआई को राहत देने के लिए आयकर कानून में संशोधन अध्यादेश लाने की तैयारी कर रही है। जयराम रमेश ने कहा कि इससे मूल समस्याएं नहीं सुलझेंगी। सरकार को असमानता, कमजोर मांग और निजी निवेश में गिरावट जैसी चुनौतियों के दीर्घकालिक समाधान पर ध्यान देना चाहिए।

नई दिल्ली। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि देश की अर्थव्यवस्था सुस्त निवेश, कमजोर मांग और निजी क्षेत्र की निवेश में घटती रुचि जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है और सरकार इन समस्याओं के समाधान के ठोस उपाय करने की बजाय विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) को राहत देने के लिए आयकर कानून में संशोधन संबंधी अध्यादेश लाने की तैयारी में है। पार्टी का कहना है कि यह कदम अर्थव्यवस्था की समस्याओं का समाधान नहीं कर सकता। इसलिए सरकार को आर्थिक स्थिति को लेकर घबराहट में कदम उठाने के बजाय ठोस उपाय करने की दिशा में पहल कर दीर्घकालिक उपाय करने चाहिए।  

कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने एक बयान में कहा कि रिपोर्ट के अनुसार सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों पर लगने वाले 12.5 प्रतिशत दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर (लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स) को समाप्त करने के लिए सरकार आयकर अधिनियम में संशोधन संबंधी अध्यादेश लाने की योजना बना रही है। यह कर दर जुलाई 2024 के केंद्रीय बजट में निर्धारित की गई थी। उन्होंने कहा कि वास्तविक समस्या यह है कि देश में निजी कॉरपोरेट निवेश बेहद कमजोर बना हुआ है। जिन कंपनियों को भारत में निवेश करना चाहिए, वे या तो विदेशों में निवेश कर रही हैं अथवा घरेलू निवेश को टाल रही हैं। उनका दावा है कि कॉरपोरेट मुनाफा रिकॉर्ड स्तर पर होने के बावजूद सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में निजी कॉरपोरेट निवेश की हिस्सेदारी में उल्लेखनीय गिरावट आई है।

रमेश ने कहा कि अध्यादेश जैसे तात्कालिक कदम केवल सुर्खियां बटोर सकते हैं, लेकिन निजी निवेश में गिरावट के संरचनात्मक कारणों का समाधान नहीं कर सकते। वास्तविक मजदूरी में ठहराव, आय एवं संपत्ति की बढ़ती असमानता, आर्थिक शक्ति के बढ़ते केंद्रीकरण तथा जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग से बने भय के माहौल को उन्होंने इसके प्रमुख कारण बताया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चीन से बढ़ते आयात ने घरेलू निवेश की समस्याओं को और बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि देश में कॉरपोरेट आय और मुनाफा बढ़ने के बावजूद निवेश का अपेक्षित स्तर नहीं दिख रहा है, जिससे रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उनका कहना था कि सरकार को तात्कालिक उपायों के बजाय निवेश, उत्पादन और मांग को बढ़ावा देने वाली नीतियों पर ध्यान देना चाहिए, ताकि अर्थव्यवस्था को स्थायी गति मिल सके।

 

Read More अमेरिका ने खत्म की ईरान की घेराबंदी : समुद्री जहाजों पर लगी नाकेबंदी हटाई, समझौते की सभी बातों का हो रहा पालन

Tags: Economy

Post Comment

Comment List

Latest News

जल्द लागू होगा कानून और छात्रों-अभिभावकों को मिलेंगे नए अधिकार, कोचिंग रेगुलेशन एक्ट मंजूरी के लिए राज्यपाल को भेजा जल्द लागू होगा कानून और छात्रों-अभिभावकों को मिलेंगे नए अधिकार, कोचिंग रेगुलेशन एक्ट मंजूरी के लिए राज्यपाल को भेजा
राजस्थान कोचिंग सेंटर नियंत्रण एवं विनियमन विधेयक कानून बनने के करीब है। नए नियमों के तहत 100 से अधिक छात्रों...
गौतमबुद्धनगर में सुरक्षा मानकों पर प्रशासन सख्त: 66 कोचिंग सेंटरों की जांच, 9 पर लगा ताला
वेनेजुएला में दो शक्तिशाली भूकंपों से तबाही, हजारों लोगों के प्रभावित होने की आशंका, राष्ट्रीय आपातकाल घोषित
प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्र को समर्पित करेंगे पचपदरा रिफाइनरी: जयपुर मेट्रो फेज-2 के शिलान्यास सहित विभिन्न विकास कार्यों की मिलेंगी सौगातें, ग्राम पंचायत से लेकर जिला स्तर तक होंगे कार्यक्रम 
ग्रामीण सेवा शिविरों में एमडीआर-टीबी मरीजों को पोषण किट, टीबी मुक्त भारत अभियान को मिली नई गति
बाल विवाह पर सरकार का बड़ा प्रहार: शादी के कार्ड बताएंगे दूल्हा-दुल्हन की उम्र, फ़डणवीस सरकार ला रही नया नियम
वाराणसी में कोचिंग संस्थानों पर बड़ी कार्रवाई ये मचा हड़कंप: 8 कोचिंग संस्थान सील, वीडीए की ताबड़तोड़ कार्रवाई