जल्द लागू होगा कानून और छात्रों-अभिभावकों को मिलेंगे नए अधिकार, कोचिंग रेगुलेशन एक्ट मंजूरी के लिए राज्यपाल को भेजा
राजस्थान में कानून बनने के अंतिम चरण में नया विधेयक
जयपुर। राजस्थान में कोचिंग संस्थानों को नियंत्रित करने के लिए लाया गया राजस्थान कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक 2025 अब कानून बनने की अंतिम प्रक्रिया में है। विधानसभा से पारित होने के बाद कई प्रक्रियाओं से गुजर चुके बिल में राज्य सरकार ने इसके नियम (रूल्स) तैयार कर मंजूरी के लिए राज्यपाल को भेज दिया। राज्यपाल की स्वीकृति और राजपत्र में अधिसूचना जारी होने के बाद यह कानून लागू हो जाएगा।
विधानसभा में मार्च में पेश और सितंबर में पारित
राजस्थान सरकार ने मार्च 2025 में कोचिंग संस्थानों के नियमन के लिए विधेयक तैयार किया था। इसे 19 मार्च 2025 को विधानसभा में पेश किया गया और बाद में प्रवर समिति को भेजा गया। समिति की सिफारिशों के बाद 3 सितंबर 2025 को विधानसभा ने इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया। इसके बाद विधेयक को कानून का रूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ी। प्रक्रिया में बिल के कई नियमों पर कोचिंग संचालकों की आपत्ति आई तो सरकार की बनाई उच्च स्तरीय कमेटी ने कोचिंग, संचालकों,अभिभावकों, शिक्षाविदों, चिकित्सकों सहित कई अन्य वर्ग के लोगों की बैठकें कर सुझाव लिए। सुझावों के आधार पर कोचिंग सेंटर सुविधाओं, फीस और अन्य नियमों में कुछ आंशिक बदलाव भी किए गए थे। कोटा सहित पूरे राजस्थान के कोचिंग उद्योग पर प्रभाव डालने वाले इस कानून से विद्यार्थियों की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और फीस व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
छात्रों और अभिभावकों को क्या मिलेगा
विधेयक का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित, तनावमुक्त और पारदर्शी शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके तहत प्रत्येक कोचिंग संस्थान में काउंसलिंग व्यवस्था, मनोवैज्ञानिक सहायता, तनाव प्रबंधन कार्यक्रम और अभिभावकों से नियमित संवाद अनिवार्य होगा। फीस और रिफंड की जानकारी सार्वजनिक करनी होगी तथा फीस कम से कम चार किश्तों में जमा कराने का विकल्प देना होगा। भ्रामक विज्ञापनों पर भी रोक रहेगी।
कोचिंग संचालकों पर ये होंगी जिम्मेदारियां
100 से अधिक विद्यार्थियों वाले प्रत्येक कोचिंग सेंटर का पंजीकरण अनिवार्य होगा। हर शाखा का अलग पंजीकरण कराना पड़ेगा। संस्थानों को अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र, पर्याप्त वेंटिलेशन, पेयजल, अलग शौचालय, सीसीटीवी और प्राथमिक उपचार जैसी सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। शिक्षकों के लिए न्यूनतम स्रातक योग्यता निर्धारित की गई है। साथ ही विद्यार्थियों के लिए साप्ताहिक अवकाश, सीमित अध्ययन अवधि और सह पाठयक्रम गतिविधियों की व्यवस्था भी करनी होगी।
उल्लंघन पर भारी जुर्माना
कानून के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर पहली बार 50 हजार रुपए, दूसरी बार 2 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। लगातार नियम तोड़ने पर कोचिंग सेंटर का पंजीकरण रद्द करने का प्रावधान भी रखा गया है। राज्य स्तर पर कोचिंग रेगुलेटरी अथॉरिटी और जिला स्तर पर निगरानी व्यवस्था बनाई जाएगी।

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