टीएमसी का संकट गहराया : कल्याण बनर्जी ने ममता को दिया अल्टीमेटम, बोले- दीदी मुझे चुने या अभिषेक को
अगर अभिषेक रहते हैं तो मैं नहीं रहूंगा
कोलकाता। चौतरफा संकटों से घिरी तृणमूल कांग्रेस तब एक और परेशानी में घिर गई जब पार्टी के वरिष्ठ सांसद और देश के जाने-माने वकील कल्याण बनर्जी ने गुरुवार को पार्टी सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सीधा अल्टीमेटम दे दिया है। कल्याण बनर्जी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि अब ‘दीदी’ (ममता बनर्जी) को उनके और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के बीच किसी एक को चुनना होगा।
अगर अभिषेक रहते हैं तो मैं नहीं रहूंगा
बनर्जी से जब पूछा गया कि क्या वे पार्टी छोड़ने का संकेत दे रहे हैं, तो वरिष्ठ वकील ने स्पष्ट किया, अगर अभिषेक बनर्जी उसी पद और उसी ताकत के साथ पार्टी में बने रहते हैं, तो मैं तृणमूल कांग्रेस में नहीं रहूंगा। बनर्जी का आरोप है कि अभिषेक ने मुझे कोर्ट में पेरवी करने से इनकार कर दिया और दूसरा वकील तय कर लिया। मैं ऐसा अहंकार बर्दाश्त नहीं कर सकता। मैं पिछले 45 सालों से वकालत के पेशे में हूं और मैं इस तरह के रवैये को कतई स्वीकार नहीं करूंगा।
दो और राज्यसभा सांसदों ने दिया इस्तीफा
इस बीच तृणमूल कांग्रेस की मुश्किलें उस समय और बढ़ गई जब टीएमसी के दो और सांसदों प्रकाश चिक बराइक और अभिनेत्री और टीएमसी सांसद कोयल मल्लिक ने गुरुवार को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। अब राज्यसभा में टीएमसी के सांसदों की संख्या घटकर नौ रह गई है।
मैं सिर्फ ममता को जानता हूं और उन्हें ही मानता हूं: सिन्हा
नई दिल्ली। टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के तथाकथित बागियों के बीच उनका नाम लिया जाना गलत है। वे पहले भी ममता बनर्जी के साथ थे और आगे भी रहेंगे। एक टीवी चैनल के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्होंने न तो किसी पेपर पर हस्ताक्षर किया और न ही हामी भरी है न ही किसी बागी ने उनसे संपर्क किया है। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस में उनकी नेता सिर्फ और सिर्फ ममता बनर्जी हैं, इसके अलावा वे न तो किसी को जानते हैं और न ही किसी को मानते हैं।

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