सुरों की ‘आशा’ हुई मौन : मशहूर गायिका आशा भोसले का 92 साल की उम्र में निधन, 20 भाषाओं में गाए 12 हजार गाने

सात दशकों तक सिनेमा जगत पर रहा दबदबा

सुरों की ‘आशा’ हुई मौन : मशहूर गायिका आशा भोसले का 92 साल की उम्र में निधन, 20 भाषाओं में गाए 12 हजार गाने

मशहूर गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन। चेस्ट इंफेक्शन और कमजोरी के बाद भर्ती थीं। बहुभाषी और बहुमुखी प्रतिभा की धनी भोसले ने 20 से अधिक भाषाओं में गाया। पद्म विभूषण, दादा साहब फाल्के सहित कई सम्मान।

मुंबई। मशहूर गायिका आशा भोसले का रविवार को ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया। उनकी उम्र 92 साल थी और पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थता के कारण उन्हें यहां भर्ती कराया गया था। ब्रीच कैंडी अस्पताल के डॉ. प्रतीत समदानी ने बताया कि कई अंगों के काम करना बंद कर देने के कारण उनका निधन हो गया। उनके बेटे आनंद भोसले ने उनके निधन की पुष्टि की है उन्होंने बताया कि भोसले का पार्थिव शरीर लोगों के दर्शनार्थ आज सुबह 11 बजे उनके आवास पर रखा जाएगा और अपराह्न चार बजे शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

चेस्ट इंफेक्शन के बाद अस्पताल में भर्ती थीं :

भोसले को शनिवार शाम छाती में संक्रमण और कमजोरी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी पोती जनाई भोसले ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए लिखा था, मेरी दादी, आशा भोसले, बहुत कमजोरी और छाती में संक्रमण की वजह से अस्पताल में भर्ती हैं।

सुरों के युग की आखिरी हस्ती :

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पद्म विभूषण और दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित भोसले 50, 60 और 70 के दशक के बॉलीवुड के संगीत के सुनहरे दौर की आखिरी जीवित हस्ती थीं। इस दौर में लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी, किशोर कुमार, मुकेश, मन्ना डे और खुद भोसले जैसी हस्तियां शामिल थीं।

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बहुमुखी प्रतिभा के लिए मशहूर :

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वह अपनी सुरीली आवाज और बहुमुखी प्रतिभा के लिए मशहूर थीं। उन्होंने फिल्मी संगीत, पॉप, गजल, भजन, पारंपरिक भारतीय शास्त्रीय संगीत, लोकगीत, कव्वाली और रवींद्र संगीत जैसे कई अलग-अलग तरह के संगीत में अपनी कला का प्रदर्शन किया। उन्होंने 20 से ज्यादा भारतीय और विदेशी भाषाओं में गाने गाए हैं।

मोदी ने जताया शोक :

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हिन्दी और मराठी सहित 20 भाषाओं की दिग्गज पार्श्वगायिका आशा भोसले के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए रविवार को कहा कि वह देश की सबसे प्रतिष्ठित और बहुमुखी आवाज में से एक थीं और उनके गायन ने भारत की सांस्कृतिक धरोहर को समृद्ध किया।

मोदी ने शोक संदेश में कहा, देश की एक अद्वितीय और बहुमुखी आवाज में से एक, आशा भोसले जी के निधन से मैं अत्यंत दुखी हूं। मोदी ने उनके परिजनों के प्रति सांत्वना व्यक्त करते हुए कहा, उनके परिवार, प्रशंसकों और संगीत प्रेमियों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।

आशा का गायन अमर रहेगा : मुर्मू

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वर कोकिला आशा भोसले के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि उन्होंने देश में संगीत के एक युग को परिभाषित किया है और उनका गायन अमर रहेगा। मुर्मू ने एक्स पर लिखा, आशा भोसले के निधन ने संगीत की दुनिया में एक खालीपन छोड़ दिया है। एक महान गायिका के तौर पर उन्होंने भारत में संगीत के एक पूरे दौर को परिभाषित किया है। उनके साथ व्यक्तिगत रूप से बातचीत करने की मेरी बहुत प्यारी यादें हैं। 

सम्मानों से भरा शानदार सफर :

पद्म विभूषण- 1

दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड- 1

फिल्मफेयर अवॉर्ड- 9

नेशनल अवॉर्ड- 2

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड- 1

राजस्थानी गीतों में भी अमर हुई आवाज :

सिंगर आशा भोसले ने कई भाषाओं में गाने गए। इनमें से राजस्थानी भी एक है। उन्होंने अपने करियर में 14 राजस्थानी फिल्मों के 45 गाने गाए। 8 से ज्यादा राजस्थानी भजनों को भी अपनी आवाज दी। वहीं, 2019 में वे जयपुर में हुए एक कार्यक्रम में भी आई थीं।

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