जाने राजकाज में क्या है खास

ज्यादा चर्चा एक-दूसरे की भौहें तनने को लेकर है

जाने राजकाज में क्या है खास

सूबे में पिछले दिनों हुए तबादला अभियान को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं

यह तो होना ही था
सूबे में पिछले दिनों हुए तबादला अभियान को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। ज्यादा चर्चा एक-दूसरे की भौहें तनने को लेकर है। राज को मिले फीडबैक के बाद अभियान को तीन दिन और बढ़ाकर मामला शांत करने की कोशिश भी की, मगर ज्यादा पार नहीं पड़ी। जिन एमएलएल को राजी करने के लिए ट्रांसफर खोले गए थे, वे खुशी के बजाय मुंह फुलाए बैठे हैं। सबसे ज्यादा टांग खिंचाई जमीनों वाले महकमें में हुई, जिसके चलते कई लिस्टें कंप्यूटर से बाहर ही नहीं निकलीं और मामला सीएमओ तक जा पहुंचा। अब इन लोगों को कौन समझाए कि जब धंधे में पारदर्शिता नहीं हो तो, उसके चौपट होने की गुंजाइश कुछ ज्यादा ही रहती है। 

मंसूबों पर फिरा पानी
मंसूबे पूरे हो जाएं, तो बल्ले-बल्ले और नहीं तो पानी फिरते देर नहीं लगती। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर हाथोज वाले भाई साहब ने अपने ठिकाने के पास मैडम की आव भगत की धांसू तैयारियां की थीं। तैयारी करने वाले बाबा ने अपनी पैठ जमाने के लिए पाली जिले से ताल्लुकात रखने वाले भाई साहब को भी न्यौता दे दिया। भाई साहब भी दौड़े-दौड़े ठिकाने पर जा पहुंचे, मगर मैडम भी मेन रोड पर आने का संदेशा भिजवाकर बिना रुके आगे बढ़ गईं। ठिकानेदार ने कई मर्तबा फोन भी किए, मगर रिसीव तक नहीं हुआ। अपने मंसूबों पर पानी फिरने से भाई साहब का दूसरे दिन भी मूड खराब रहा। वैसे भी जोधपुर से जयपुर तक मैडम के स्वागत में उमड़ी भीड़ से कइयों का जायका बिगड़े बिना रहा। 

नहीं सुलझी गुत्थी
सूबे में भगवा वाले भाई लोग इन दिनों गुत्थी सुलझाने में दिन रात एक किए हुए हैं, पर गुत्थी है कि सुलझने का नाम ही नहीं लेती। दोपहर तक सुलझने की उम्मीद होती है, तो शाम तक कोई न कोई भाई साहब का अडंÞगा आ जाता है। भाई लोग जयपुर के जिलाध्यक्ष का ताज अपने खास के सिर संजाने में जुटे हैं। सरदार पटेल मार्ग स्थित बंगला नंबर 51 में बने भगवा वालों के ठिकाने पर आने वाले वर्कर्स में खुसरफुसर है कि सीएम एंड डिप्टी सीएम के क्षेत्र में आखिरकार गुत्थी कब सुलझेगी। 

एक जुमला यह भी
सूबे में इन दिनों एक जुमला जोरों पर है। जुमला भी छोटा-मोटा नहीं बल्कि हाथ वाले भाई लोगों से ताल्लुकात रखता है। जुमला है कि हाथ वाले भाई लोगों में पॉवर सेंटर को लेकर चार साल से किनारे बैठे एक खेमे ने पूरा जोर लगा रखा है। और तो और कई देवरों पर भी धोक लगाई जा चुकी है। हार्ड कोर वर्कर्स की मानें, तो खेमे वाले भाई लोगों की मनोकामना भी गर्मियों का मौसम आने से पहले पूरी होने वाली है। 
    (ये लेखक के अपने विचार हैं।) 

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