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Read More... कवि डॉ. पॉपुलर मेरठी से विशेष बातचीत, कहा- मुशायरों की मिट्टी से सोशल मीडिया तक कविता का दायरा बढ़ा
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By Jaipur PS
डॉ. पॉपुलर मेरठी हिंदी-उर्दू के उन लोकप्रिय कवियों में हैं, जिन्होंने कवि सम्मेलन और मुशायरों के कई दौर देखे। उनका अनुभव केवल मंच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बदलते समय, मीडिया और समाज के साथ कविता के रिश्ते को भी उन्होंने बहुत करीब से महसूस किया। कविताओं के माध्यम से कुछ कवि राजनीति में पाना चाहते हैं स्थान: सुरेश अवस्थी
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By Jaipur
मुझे काव्यपाठ करते हुए तीन दशक से अधिक समय हो गया है। कवि सबका होता है, जैसे देश व संविधान: जावेद
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हिन्दी और उर्दू के कवि कुंवर जावेद का कहना है कि सोशल मीडिया का फायदा यह है कि आपका काम मिनट से पहले पूरी दुनिया में पहुंच जाता है। आईडी नहीं थी, तो दसवीं की मार्कशीट दिखाकर फ्लाइट से मुम्बई गया : सुरेश अलबेला
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आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हंसना बहुत जरूरी है। वेद स्वयं काव्यरूप, उनमें काव्य का सम्पूर्ण सौन्दर्य समाहित : संजय झाला
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By Jaipur
देवस्य पश्य काव्यं न ममार न जीर्यति’ के वैदिक वचन में देव के काव्य के रूप में वेद का ही निर्देश किया गया है। कविता आज भी जिंदा है, पहले भी जिंदा थी और आगे भी रहेगी : सुनील व्यास
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By Jaipur
हास्य कवि सुनील व्यास का कहना है कि पुराने कवि सम्मेलन ट्रेडिशनल होते थे। साइकिल चलाना, एक्टिंग करना सीखा जा सकता है, लेकिन कविताएं सीखी नहीं जा सकती : जगदीश सोलंकी
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कविताएं कल भी हो रही थीं और ये आज भी हो रही हैं। जयपुर: धूमधाम से मनाया लहरिया उत्सव
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कवयित्रियों ने श्रृंगार रस सहित विविध रसों की काव्य धारा से समां बांध दिया। गूगल बना शायर
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“शुक्र मनाते हैं आप जैसे यूजर्स का, जो हमें सही राह दिखाते हैं. बेहतर बनाते जाने का ये सफ़र रुकेगा नहीं, मेरे हमसफ़र.” अखिल भारतीय कप्तान दुर्गाप्रसाद चौधरी हिन्दी सेवा सम्मान समारोह आज
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By Administrator
इस पुरस्कार की शुरुआत 2012 से की गई थी। अब तक अशोक चक्रधर, पदमश्री सुरेन्द्र शर्मा, पद्मभूषण गोपालदास नीरज, आसकरण अटल, मधुप पांडे, शैलेष लोढ़ा, हरिओम पंवार, डॉ. कुंवर बेचैन, समीर अंजान और विनीत चौहान को ये पुरस्कार दिया जा चुका है। 