सेवन वंडर्स पर चला बुलडोजर : एनजीटी ने तोड़ने के दिए थे आदेश, वैटलैण्ड और ग्रीन बेल्ट एरिया में हुआ था निर्माण
सुप्रीम कोर्ट में पालना रिपोर्ट देने के पांच दिन पहले टूटी प्रशासन की नींद
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेश के बाद राज्य के मुख्य सचिव सुधांश पंत ने सुप्रीम कोर्ट में सेवन वंडर्स को तोड़ने का शपथ पत्र प्रस्तुत किया था।
अजमेर। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से 11 अगस्त 2023 को पारित आदेश की पालना को लेकर उदासीनता की चादर ओढ़कर बैठे जिला प्रशासन को आखिर सुप्रीम कोर्ट की ओर से 17 मार्च 2025 को आनासागर झील के वैटलैण्ड, ग्रीन जोन एवं ग्रीन बेल्ट एरिया में निर्मित सेवन वंडर्स को ध्वस्त करने के पारित आदेश की पालना के लिए मजबूर होना पड़ा है। जिला कलक्टर से मिले फरमान की पालनार्थ शुक्रवार को अजमेर विकास प्राधिकरण ने 11 करोड़ 12 लाख रुपए की लागत से निर्मित सेवन वंडर्स को तोड़ना शुरू कर दिया। तोड़फोड़ देर रात तक जारी रही। लेकिन एडीए की प्राथमिकता सेवन वंडर्स के उपयोगी सामान को ध्वस्त करने के बजाय क्रेन की सहायता से बाहर निकालना रही, जिससे उनका दुबारा कहीं उपयोग किया जा सके या उनकी ब्रिकी कर कमाई के जरिए नुकसान की भरपाई की जा सके।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेश के बाद राज्य के मुख्य सचिव सुधांश पंत ने सुप्रीम कोर्ट में सेवन वंडर्स को तोड़ने का शपथ पत्र प्रस्तुत किया था। उसके बाद कलक्टर लोक बंधु ने अजमेर विकास प्राधिकरण को सेवन वंडर्स तोड़ने के लिए अधिकृत किया तो 10 मार्च 2025 को अजमेर विकास प्राधिकरण की तकनीकी शाखा की टीम अधिशासी अभियंता राजेन्द्र कुडी की अगुवाई में क्रेन लेकर सेवन वंडर्स पहुंची और स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी की प्रतिमा को हटाने के साथ सेवन वंडर्स की तोड़फोड़ शुरू की। उसके बाद एडीए ने चुप्पी साध ली थी।

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