परवन बांध से पहले खाली करें घर, 15 मई 2026 तक विस्थापन के निर्देश
मानसून के दौरान संभावित जलभराव
जल संसाधन विभाग की परवन परियोजना खण्ड-द्वितीय की ओर से डूब क्षेत्र में आने वाले गांवों के प्रभावित परिवारों को अंतिम चेतावनी जारी की। अधिशाषी अभियंता कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि परवन वृहद सिंचाई परियोजना अब अंतिम चरण में है और मानसून 2026 के दौरान बांध में जल भराव किया जाना प्रस्तावित।
जयपुर। जल संसाधन विभाग की परवन परियोजना खण्ड-द्वितीय की ओर से डूब क्षेत्र में आने वाले गांवों के प्रभावित परिवारों को अंतिम चेतावनी जारी की गई है। अधिशाषी अभियंता कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि परवन वृहद सिंचाई परियोजना अब अंतिम चरण में है और मानसून 2026 के दौरान बांध में जल भराव किया जाना प्रस्तावित है। कार्यालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार, पूर्व में 13 मई 2025, 6 फरवरी 2026 और 14 मार्च 2026 को प्रकाशन के माध्यम से तथा 6 मई 2025 और 9 फरवरी 2026 को व्यक्तिगत नोटिस देकर प्रभावितों को पुनर्वास कॉलोनी अटरू में विस्थापन के लिए सूचित किया जा चुका है। इसके बावजूद कई परिवार अब तक पूर्ण रूप से विस्थापित नहीं हुए हैं।
पूर्ण डूब क्षेत्र में आने वाले ग्राम बोरदा, सुखनेरी, मालोनी, फतेहपुर, पिपलियाघाटा, टाकुड़ा, अमलावदा खरण तथा आंशिक डूब क्षेत्र के ग्राम भवानीपुरा, मजरा पटपड़ी बमोरी, खरण और बिलेण्डी के प्रभावितों को पुनः निर्देशित किया गया है कि वे आवंटित भू-खण्डों पर जल्द से जल्द शिफ्ट हो जाएं। विभाग ने जनहित में चेतावनी देते हुए कहा है कि सभी प्रभावित परिवार 15 मई 2026 से पूर्व अपने वर्तमान निवास स्थल खाली कर दें, ताकि मानसून के दौरान संभावित जलभराव से किसी प्रकार की जनहानि या नुकसान से बचा जा सके। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समयसीमा के बाद यदि कोई परिवार डूब क्षेत्र में रहता है और किसी प्रकार की क्षति या जनहानि होती है, तो उसकी जिम्मेदारी स्वयं संबंधित व्यक्ति की होगी।

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