राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने पूजा-आरती कर किया मंदिर का लोकार्पण, कहा- पुष्कर का साईंधाम बनेगा प्रमुख पर्यटन केंद्र
ई रिक्शा में बैठ धाम का किया भ्रमण
बागड़े ने पुष्कर के खरेखड़ी रोड पर निर्मित पहले साइं बाबा मंदिर का वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच लोकार्पण किया। साईं धाम का अवलोकन कर विभिन्न मंदिरों के दर्शन किए और प्रदेश में खुशहाली की कामना की।
पुष्कर। राज्यपाल किशनराव हरिभाऊ बागड़े ने रविवार को पुष्कर के खरेखड़ी रोड पर निर्मित पहले साइं बाबा मंदिर का वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच लोकार्पण किया। उन्होंने साईं धाम का अवलोकन कर विभिन्न मंदिरों के दर्शन किए और प्रदेश में खुशहाली की कामना की। बागड़े रविवार दोपहर 12.15 बजे कड़े सुरक्षा बंदोबस्त के बीच साइंर् धाम पहुंचे, जहां पुलिस जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद राज्यपाल ने ई-रिक्शा में बैठकर साईं धाम का भ्रमण किया। उन्होंने शनि शिंगणापुर, विठ्ठल-रुक्मिणी, 11 मुखी हनुमान, शिव, द्वारका माई, राधा-कृष्ण, नवग्रह, जैन तीथंर्कर सहित छोटे-बड़े सभी मंदिरों, नवग्रह राशि व नक्षत्र गार्डन तथा पंचवटी के दर्शन किए।
उपासक रुणवाल ने धाम की विस्तृत जानकारी दी। पत्रकारों से बातचीत में राज्यपाल ने कहा कि राजस्थान वासियों को महाराष्ट्र के साईं बाबा मंदिर के साक्षात दर्शन कराने के उद्देश्य से पुष्कर में यह सांई धाम विकसित किया गया है। तीन वर्ष पूर्व यहां कुछ भी नहीं था, आज हरियाली दिखाई दे रही है। प्रदेश में पौधारोपण की आवश्यकता पर जोर देते उन्होंने कहा कि हरियाली बढ़ने से गर्मी कम होगी और वर्षा भी बेहतर होगी, जिससे काश्तकारों व कारोबारियों दोनों को लाभ मिलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सांई धाम शीघ्र ही प्रमुख पर्यटन केंद्र बनेगा।
सूर्य/रवि द्वार का उद्घाटन
राज्यपाल ने नवनिर्मित साईं मंदिर के सूर्य/रवि द्वार का उद्घाटन किया। वहीं पूर्व द्वार का उद्घाटन सांसद भागीरथ चौधरी, शुक्रद्वार का पूर्व सभापति कमल पाठक और शनि द्वार का उद्घाटन प्रकाश लाल चंदानी ने किया। कार्यक्रम में सांसद भागीरथ चौधरी, पूर्व नगर परिषद सभापति कमल पाठक, शिवस्वरूप महर्षि, कल्याणमल शर्मा, अरुण पाराशर, पं. कैलाशनाथ दाधीच, अरुण वैष्णव, सत्यनारायण रामावत, मधुसूदन भाऊ, वेदप्रकाश पाराशर सहित अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि पुणे निवासी विकास रुणवाल ने तीन वर्ष पूर्व पुष्कर के खरेखड़ी मार्ग पर साईं धाम का निर्माण शुरू किया था। वहीं अब तक धाम में विभिन्न देवी-देवताओं के कुल 63 छोटे-बड़े मंदिर बन चुके हैं।

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