ज्योति हत्याकांड : प्रेम और साजिश का खौफनाक अंत, दोनों आरोपियों को उम्रकैद
फैसला सुनने आरोपियों के साथ आई मृतक की बेटी
अजमेर। अपर सेशन न्यायाधीश संख्या तीन नीरज कुमार गुप्ता ने महिला ज्योति की हत्या के आरोपी दंपती इलाहाबाद निवासी राजन केसरी व उसकी पत्नी शालू को उम्रकैद व 25-25 हजार रुपए जुर्माना की सजा दी है। ज्योति-राजन का तलाक करवाकर उसके साथ रहने का ख्वाब पाल रही थी। प्रकरण की खास बात यह है कि हत्या के बाद दोनों पति-पत्नी मृतका की दुधमुंही बेटी को अपने साथ ले गए और आज तक उसे बेटी की तरह पाल-पोस रहे थे। वारदात के समय तीन महीने की रही बेटी आज आरोपियों के साथ उनके पारिवारिक सदस्य की तरह फैसला सुनने आई थी। शायद वह स्वयं यह तय नहीं कर पा रही होगी कि मृतका ज्योति उसकी मां थी या फिर ज्योति की हत्या करने के बाद उसे सीने लगाकर घूम रहे आरोपी दंपती?
न्यायालय के अपर लोक अभियोजक हरदेव सिंह रावत ने बताया कि क्रिश्चियन गंज थाना में ईदगाह निवासी राम किशन ने 24 मई 17 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गुलाब बाड़ी निवासी सुखदेव माली ने एक व्यक्ति को उसके मकान में बनी कोठरी किराये पर दिलाई थी। आरोपी ने कमरा किराये पर लेते समय स्वयं को गुड़गांव से आना बताया था। उसने एडवांस किराया देकर आधार कार्ड वगैरह बाद में देने का भरोसा दिलाया था। मकान मालिक भी युवक के साथ दो महिलाएं और एक मासूम बच्ची को देखकर बाद में आधार कार्ड लेने को तैयार हो गया। ज्योति चाहती थी राजन पत्नी को तलाक देकर साथ रहे: 19 मई 26 को दो महिलाएं, एक दो-तीन महीने की बच्ची व युवक आकर रहने लगा। 21, 22, 23 मई को कमरा बंद रहा। किसी की आवाज नहीं आई, किंतु कमरे से बदबू आने के कारण उसे शक हुआ और पुलिस को सूचना देकर कोठरी का दरवाजा खुलवाया तो वहां रहने आयी दो महिलाओं में से एक की लाश पड़ी थी, जो खून से लथपथ थी। लाश के पास मृतका के सिर पर मारी गई ईंट व पत्थर मिला था।
मृतका का गला चाकू से काटा गया था। अनुसंधान के दौरान क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस ने कमरा किराये पर लेने वाले राजन को इंदौर से और उसकी पत्नी शालू को गुड़गांव से गिरफ्तार किया था। उनके पास मृतका की पुत्री भी मिली थी। आरोपी राजन ने पूछताछ में बताया कि शालू उसकी पत्नी है और मृतका ज्योति से उसकी मुलाकात गुड़गांव में हुई थी। वह चाहती थी कि मैं पत्नी शालू को तलाक देकर उसके साथ शादी कर लूं, जो उसे पसंद नहीं था। उसने ज्योति की बात पत्नी शालू को बताई। जिस पर दोनों ने पीछा छुड़ाने के लिए ज्योति की हत्या करने का प्लान बनाया।
भावुक हुई मृतका की बेटी
मां की हत्या का फैसला सुनने उसकी बेटी हत्या के आरोपियों के साथ अदालत आई थी। कोर्ट से सजा होने के बाद वहां उपस्थित राजन का भाई उस बेटी को अपने साथ ले गया। अब वह तीन महीने की बेटी करीब आठ साल की हो गई है।

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