लेपर्ड नहीं करेंगे अब आबादी क्षेत्र का रुख, गंगा भैरव घाटी में 4 हेक्टेयर वन भूमि पर तैयार किया बेस
प्रोजेक्ट पर करीब 90 लाख रुपए खर्च
गंगा भैरव घाटी कंजर्वेशन रिजर्व क्षेत्र में निकट भविष्य में शिकार के अभाव में लेपर्ड आसपास की आबादी क्षेत्र का रुख नहीं करेंगे। वन विभाग ने यहां चार हेक्टेयर वन भूमि पर प्रे बेस तैयार कर लिया है। इसका काम लगभग पूरा हो गया।
अजमेर। शहर के नजदीक काजीपुरा स्थित गंगा भैरव घाटी कंजर्वेशन रिजर्व क्षेत्र में निकट भविष्य में शिकार के अभाव में लेपर्ड आसपास की आबादी क्षेत्र का रुख नहीं करेंगे। वन विभाग ने यहां चार हेक्टेयर वन भूमि पर प्रे बेस तैयार कर लिया है। इसका काम लगभग पूरा हो गया है। आने वाले दिनों में यहां घास के मैदान विकसित किए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट पर करीब 90 लाख रुपए खर्च हुए हैं। गंगा भैरव घाटी कंजर्वेशन रिजर्व क्षेत्र में लेपर्ड सफारी प्रोजेक्ट शुरू हो चुका है। यहां लेपर्ड की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। लेकिन वन क्षेत्र में उनके भोजन के लिए वन्य जीवों की कमी है। यही कारण है कि समय-समय पर लेपर्ड आसपास के आबादी क्षेत्र का रख कर रहे हैं।
पूर्व की घटनाएं देखें तो लेपर्ड ने यहां बकरी, बछड़े आदि मवेशियों को अपना शिकार बनाया है। ऐसे में लोगों में भी भय का माहौल रहता है। इसीलिए यह आवश्यक था कि गंगा भैरव घाटी में प्रे बेस तैयार किया जाए। उपवन संरक्षक पी.बालामुरुगन ने बताया यहां चार हेक्टेयर वन भूमि पर प्रे बेस यानी लेपर्ड के भोजन की श्रृंखला की तैयारी की गई है। यहां घास के मैदान विकसित करने के बाद शीतल हिरण सहित अन्य छोटे वन्य जीवों को छोड़ा जाएगा। जो बाद में लेपर्ड का शिकार बनेंगे और लेपर्ड आबादी क्षेत्र का रुख नहीं करेंगे।

Comment List