पुलिया पर जानलेवा गड्ढे वाहन चालकों के लिए बन रहे मुसीबत

दुर्घटना होने का रहता अंदेशा

पुलिया पर जानलेवा गड्ढे वाहन चालकों के लिए बन रहे मुसीबत

नेशनल हाइवे 27 के अधिकारियों की घोर लापरवाही।

किशनगंज। किशनगंज क्षेत्र में पार्वती पुलिया पर हो रहे बड़े बड़े जानलेवा गड्डें वाहन चालको के लिए मुसीबत बनते जा रहे है। हर समय बडी दुर्घना होने का अंदेशा बना रहता है। खतरें के बीच वाहन चालकों का सफर करना मजबूरी बना हुआ है।  वाहन चालकों को गहरें गड्डों में सम्भलकर चलना मजबूरी बन गई है। अगर वाहन चालक जरा सा चुके तो उनके लिए गड्ढें जानलेवा बन सकते है। दिन के समय ही इन गढ्डों मे वाहन चालक बडी मुश्किल से निकल पाते है तो रात के समय तो यहां हालात और खराब हो जाते है। 

भगवान भरोसे वाहन चालकों का सफर
वाहन चालक भगवान भरोसे ही सफर तय कर पाते है। पहले दैनिक नवज्योति में समाचार प्रकाशित होने के बाद एनएचएआई के परियोजना अधिकारी ने पुलिया की सड़क की हल्की मरम्मत करवाई थी। लेकिन गुणवत्ता से कार्य नहीं होने से वापस हाईवे की सड़क पर गढ्डे हो गए। गढ्डे इतने गहरे और चोडे है कि कार व दुपहिया वाहनो के पहिए गढडों में धंस जाते है। 

नागिन चाल से चला रहे वाहन
हाइवे पर गड्ढें इस कधर हो गए है कि सड़क कहां पर है इसका  पता नहीं चलता और वाहन चालक इस प्रकार अपने वाहनों को गड्ढों से बचाते हुए चलते है कि मानों नागिन चाल से वाहन चला रहे हो।  कभी बाएं तो कभी दाए तो कभी सामने ही गहरे गढ्डे नजर आते है। ऐसे मे आगे पीछे चलने वाले वाहनों को टकराने का अन्देशा बना रहता है। हालात ऐसे ही रहे तो यहां किसी दिन यहां बडी दुर्घटना हो सकती है। 

बारिश के खलल से अधिकारी बता रहे परेशानी
कुछ दिन पहले ही एनएचएआई की ओर से पुलिया की सड़क पर गढ्डों को भरवाया गया था। लेकिन गढ्डे फिर से हो गए। लोगों का कहना है कि गढ्डों को घटिया मटेरियल से भरवाया था तथा आधा अधूरा ही काम किया गया था। अधिकारी बारिश के कारण परेशानी बताकर अपनी जिम्मेदारी की इतिश्री पूरी कर रहे है। 

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किशनगंज निवासियों को चुकाना पड़ रहा भारी टोल
किशनगंज कस्बे के वाहन चालक दिनेश सुमन ने बताया कि रानीबड़ोद,किशनगंज,मेहरावता सहित 15 से 20किलोमीटर के दायरे के वाहन चालको को बारां जाने के लिए भारी भरकम टोल चुकाना पड़ रहा है। कई चार पहिया वाहन धारी वाहन चालक टोल के खर्चे के कारण अपने वाहनों को बारां ले जाने में भी घबराते हैं,क्योंकि बारां आने जाने के बराबर तो वाहन में ईंधन का खर्चा भी नही आता है। साथ ही सड़कों पर हो रहे गड्डे नुकसान पहुंचा रहे है।

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गहरे गड्ढें से वाहनों में मेंटेनेंस का खर्चा ज्यादा
पार्वती पुलिया पर हो रहे गड्डों के कारण यहां से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को अपने वाहनों में मेंटेनेंस का अनावश्यक खर्चा उठाना पड़ रहा है। जिससे वाहन चालकों को आर्थिक परेशानी भी हो रही है। वाहनों की मरम्मत का अतिरिक्त खर्चा वाहन चालकों को उठाना पड़ रहा है। वहीं समय और धन की भी बर्बादी हो रही है। आए दिन इन गढ़ों में वाहन गिरने से खराब होकर हो जाते हैं जिससे वाहन चालकों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। साथ ही 900 मीटर लंबी पुलिया पार करने में 5 मिनट का समय बर्बाद हो रहा है। 

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पार्वती पुलिया पर हो रहे गढ्ढें वाहन चालकों को भारी मेंटेनेंस का खर्चा दे रहे है। दुर्घटना का भी खतरा बना रहता है।
- लोकेश सुमन, वाहन चालक।

पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से बरसात का पानी गड्डो में भरा रहने से वाहन एक साथ गड्डे में गिरने से वाहन में टूटफूट  एवं दुर्घटना का आदेश बना रहता है।
- प्रदीप मालव, क्षेत्रवासी। 

जिम्मेदारों की लापरवाही वाहन चालकों की जिन्दगी पर भारी पड़ सकती है। सफर करने वालों की सुविधाओं का खयाल नही है। टोल से ज्यादा जिन्दीगी का मोल है। गढ्डों को भरवाकर सफर सुगम करना चाहिए।
-  हेमन्तराम खींची, भाजपा मण्डल महामंत्री। 

एनएचएआई के अधिकारी आंखे मूंदकर बेंठे है। पुलिया के गढ्डों को भरने में इतिश्री की गई है। गहरे गढ्डें किसी दिन वाहन चालको की जान ले बेठेंगे। इसे जल्द ठीक करवाया जाना चाहिए। 
- तरूण पंकज, एडवाकेट।  

हाइवे के हालात सुधारे जाने चाहिए। लोगों को तकलीफ होती है। गढ्डों से सफर वाहन चालकों के लिए मुसीबत और खतरे भरा है। पुलिया की सड़क के गढ्डें को ठीक तरीके से भरवाकर राहत देनी चाहिए।
- रवि कटारिया, सयोंजक, पर्यावरण संरक्षण समिति किशनगंज।

पूरी जिम्मेदारी से गढ्डों को दो दिन में भरवाया जाएगा। बारिश का दौर होने से अभी मुसीबत बनी हुई है। बरसात के मौसम से परेशानी हो रही है। कुछ दिन पहले भरवाए गए गड्ढें फिर से गहरे हो गए है।
-  सक्षम गर्ग, परियोजना अधिकारी, एनएचएआई।  

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