बिना मुंडेर के कुएं हादसे को दे रहे दावत

रात्रि में अंधेरा रहने के कारण हादसा की आशंका

बिना मुंडेर के कुएं हादसे को दे रहे दावत
जिम्मेदार अधिकारी भी इस ओर तभी गंभीरता दिखाते हैं जब कोई हादसा होता है।

कवाई। कस्बे में छबड़ा रोड स्थित कॉलोनी के रास्ते में बिना मुंडेर का कुआं हादसे को दावत दे रहा है। कस्बा सहित आसपास ऐसे कई कुएं हैं जो बिना मुंडेर के हैं। जिनमें हादसे होते रहते हैं। जानकारी के अनुसार कोरोना काल के समय कस्बे के समीप ही सड़क के किनारे खेत में बिना मुंडेर के कुएं में गिरने से एक युवक की मौत भी हो गई थी परंतु इस और किसी का ध्यान नहीं आए दिन बिना मुंडेर के कुओं में मवेशियों के गिरने की सूचना मिलती रहती है जिस पर हिंदू धार्मिक सेवा समिति के सदस्य पहुंचकर बाहर निकालते हैं। जिनमें कई की मौत भी हो जाती है। कमल मंगल बबलू ऐरवाल नवल सुमन सहित लोगों ने बताया कि छबड़ा चौराहे के पास ही मेरी कॉलोनी के रास्ते पर मकान के पास बिना मुंडेर का कुआं जिसमें कई बार हादसे हो चुके हैं यहां पर लोगों का आना-जाना रहता है रात के समय अंधेरे में कुआं नजर नहीं आने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है इस समस्या को लेकर सरपंच को भी अवगत करवा दिया है। आसपास के लोगों ने बताया यह आम रास्ते के पास सालों पुराना बिना मुंडेर का सूखा कुआं है कुएं कि मुडेर नहीं होनें के कारण आने जाने वाले राहगीरों को यह कुंआ दिखाई नहीं देता जिससे हमेशा हादसा होने का अंदेशा बना रहता है रात्रि के समय कुएं के आस-पास अंधेरा रहने के कारण हादसा होने की आशंका बनी रहती है उन्होंने बताया कि खुले कुएं कोई  समाधान नहीं किया तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है या तो इसको पूरवा दिया जाए या फिर इसके चारों तरफ सेफ्टी दीवार बनवा कर इसका समाधान करने की मांग की।

खतरा बन रहे बिना मुंडेर के कुएं 
कस्बे सहित आसपास सड़कों के किनारे बिना मुंडेर के कुओं से हर पल हादसों का खतरा सडक किनारे व खेतों में बने बिना मुंडेर के कुओं के आसपास घास उगी रहती है और मवेशी हरा चारा देख कर खाते खाते कुएं में गिर जाते हैं। बरसात के दिनों में कुएं में पानी भर जाने के बाद कुएं भी नजर नहीं आते और मवेशियों के साथ-साथ कई बार लोग भी इनमें गिर जाते हैं। ऐसे कुओं के कारण लगातार हो रहे हादसों के बावजूद प्रशासन गंभीर नहीं है अभी भी लगभग क्षेत्र में सड़क किनारे स्थित बिना मुंडेर के कुओं से हर पल हादसों का खतरा बना रहता है। जिम्मेदार अधिकारी भी इस ओर तभी गंभीरता दिखाते हैं जब कोई हादसा होता है। पिछले कुछ साल पहले कोरोना काल के समय कस्बे के समीप पारलिया रोड पर बिना मुंडेर के कुएं में गिरने से एक युवक की मौत हो गई थी। इसके बाद भी कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं हुई और न ही कुओं पर मुंडेर बन पाई है बिना मुंडेर के कुओं में गिरने से आए दिन पशुओं की मौत व घायल होने की घटनाएं भी हो रही है। बारिश में पानी भरने के बाद यह कुएं और अधिक खतरनाक हो जाते हैं सड़क किनारे या कहीं भी बिना मुंडेर के कुएं है तो इनके मालिकों को जिम्मेदार अधिकारी निर्देश देकर इनमें मुंडेर बनवाएं ताकि कोई हादसा नहीं हो। 

कई गौवंशों की हो चुकी है मौत 
हिंदू धार्मिक सेवा समिति सदस्य इसमें चक्रधारी भाया, अमित जोशी मनीष सुमन ने बताया कस्बा सहित अन्य गांवों में सडकों के किनारे व खेतों में बिना मुंडेर के कुएं है कस्बे से करीबन 10 किलोमीटर दूर भी जाकर हिंदू धार्मिक सेवा समिति के सदस्यों ने कई कुओ में से गौ माताओं को निकाल कर घायल गौ माता का उपचार करवा कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है तो कई गौ माताओं की मौत भी हो हुई है एक ही कुएं से कई बार दो गौ माता को भी निकाला है यह बिना मुंडेर के कुएं लोगों व मवेशियों के लिए खतरा बने हैं इन कुओं के सुरक्षा दीवार न होने से अब तक कई मवेशी गिरकर अपनी जान गवां चुके है कई कुओं की हालत तो यह है कि धरातल से भी नीचे तक के पत्थर उखड़े हुए है ऐसे कुओं के पास से दिन के समय में भी गुजरने में खतरा बना रहता है वहीं रात के समय दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है ऐसे कुओं पर प्रशासन को जल्द ही ध्यान देकर कार्यवाही करना चाहिए।

नोटिस देकर करेंगे कार्रवाई
अगर बिना मुंडेर के कुएं हैं तो इनके मालिक उनके ऊपर दो-तीन फिट सेफ्टी दीवार बनाएं या फिर अगर कुआं काम नहीं आ रहा है तो उसमें मिट्टी डलवाकर पूरवा दें। खुला नहीं छोड़े नहीं तो ग्राम पंचायत द्वारा इनके मालिकों को नोटिस दिलवाकर कार्यवाही की जाएगी।
- तिलोक शर्मा, नायब तहसीलदार, कवाई 

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यह बिना मुंडेर का कुआं कॉलोनी के मुख्य रास्ते पर होने से  बड़ा ही दुखदाई बन रहा है इसमें पहले भी हादसे हो चुके है। यह मुख्य रास्ते पर हैं यहां पर बच्चा बच्ची भी खेलते रहते हैं और यहीं से निकलना रहता है अब बरसात के दिनों में यहां पर नजर भी नहीं आएगा कि कुआं है या नहीं। जिससे 24 घंटे हादसे होने का आशंका बनी रहती है इसको जल्द ही मिट्टी डालकर पुरवाया जाए।
- दीपक मंगल, कॉलोनी वासी 

खेतों व रास्तों के पास बने बिना मुंडेर के कुओं में मवेशियों के गिरने का खतरा रहता है। इनके ऊपर मुंडेर या अन्य कोई व्यवस्था होनी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं किया गया है जिसके कारण मवेशी के साथ-साथ लोग भी इनमें गिर जाते हैं।
- राजू ऐरवाल, ग्राम कुंडी 

ऐसे कई कुएं हैं जिनमें मुंडेर नहीं है और उनमें हादसे भी हो चुके हैं। परंतु जिम्मेदार इस और कोई ध्यान नहीं दे रहे। ऐसे कुओं पर मुंडेर या तार फेंसिंग कर दे ताकि कोई हादसा ना हो।
- हेमराज प्रजापति, ग्राम भकरावदा  

कस्बा सहित आसपास गांवों में बिना मुंडेर के कुओं में गौ माता गिरने की सुचना मिलती है जिस पर हिंदू धार्मिक सेवा समिति के सदस्य मौके पर पहुंचकर गौ माता को बाहर निकलते हैं ऐसे बिना मुंडेर के कुओं पर मुंडेर बने या फिर ऐसा कोई इंतजाम हो ताकि गौ माता के साथ  अनहोनी ना हो।
- विष्णु चक्रधारी भाया, हिंदू धार्मिक सेवा समिति सदस्य 

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