स्कूल भवन के बरामदे की छत भर-भराकर गिरी, शिक्षा विभाग की कार्य शैली पर सवाल

19 जून को पीडब्ल्यूडी ने किया जर्जर घोषित

स्कूल भवन के बरामदे की छत भर-भराकर गिरी, शिक्षा विभाग की कार्य शैली पर सवाल
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में गुरुवार सुबह बड़ा हादसा होते होते टल गया। विद्यालय के बरामदे की छत की पट्टियां अचानक भरभराकर नीचे गिर गईं। गनीमत रही कि उस समय बच्चे खुले में पढ़ रहे थे, जिससे 75 बच्चों की जान बच गई।

श्रीडूंगरगढ़। क्षेत्र के गांव धनेरू की बुरलाई तलाई स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में गुरुवार सुबह बड़ा हादसा होते होते टल गया। विद्यालय के बरामदे की छत की पट्टियां अचानक भरभराकर नीचे गिर गईं। गनीमत रही कि उस समय बच्चे खुले में पढ़ रहे थे, जिससे 75 बच्चों की जान बच गई। विद्यालय प्रधानाध्यापिका सोनू मीणा ने बताया कि भवन की जर्जर हालत को देखते हुए बच्चों की कक्षाएं पहले से ही खुले में संचालित की जा रही थीं। 

 उन्होंने बताया कि 19 जून को पीडब्ल्यूडी की टीम ने विद्यालय का निरीक्षण कर दो कमरों और बरामदे को जर्जर घोषित किया था। इसके बाद उन्होंने कई बार शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर भवन की स्थिति से अवगत कराया, लेकिन अब तक न तो किसी अधिकारी ने विद्यालय का दौरा किया और न ही भवन की मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था की गई। 

बड़ा सवाल
स्कूल भवन को 14 दिन पूर्व जर्जर घोषित किए जाने के बाद भी न मरम्मत हुई और न वैकल्पिक व्यवस्था की गई। घटना सीधे शिक्षा विभाग की कार्य शैली पर सवाल खड़ा कर रही है। 

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