‘चित्रांग’ प्रदर्शनी संपन्न, कला के रंगों में सजी स्मृतियों की यात्रा
25 चयनित पेंटिंग्स दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहीं
जयपुर के वरिष्ठ कलाकार जगदीश चंद्र की सोलो आर्ट प्रदर्शनी ‘चित्रांग’ जवाहर कला केंद्र में संपन्न हुई। पाँच दिन चली प्रदर्शनी में पिछले दस वर्षों की 25 पेंटिंग्स प्रदर्शित की गईं। प्रकृति, इतिहास और मानवीय भावनाओं से प्रेरित कृतियों को दर्शकों ने खूब सराहा।
जयपुर। शहर के वरिष्ठ कलाकार 70 वर्षीय जगदीश चंद्र की सोलो आर्ट एग्जिबिशन ‘चित्रांग’ सफलतापूर्वक संपन्न हुई। जवाहर कला केंद्र की सुदर्शन आर्ट गैलरी में आयोजित इस पाँच दिवसीय प्रदर्शनी में पिछले दस वर्षों में तैयार की गई 25 चयनित पेंटिंग्स दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहीं।
प्रदर्शनी में प्रकृति, यात्रा, इतिहास और मानवीय भावनाओं से प्रेरित कृतियाँ प्रस्तुत की गईं। आमेर किले की भव्य दीवारें, दीवान-ए-खास की स्थापत्य सुंदरता, राधा-कृष्ण का श्रृंगार, बाजीराव-मस्तानी की प्रेम गाथा, रणथंभौर की बाघिन का मातृत्व, बोधगया के बोधि वृक्ष तले बुद्ध का आत्मचिंतन और राजस्थान के वीर योद्धाओं की गाथाएँ कैनवास पर सजीव रूप में उभरीं।
दर्शकों ने कलाकार की रंग-योजना, भाव-प्रस्तुति और सूक्ष्म विवरणों की सराहना की। ‘चित्रांग’ ने कला प्रेमियों को सौंदर्य, संवेदना और आत्मचिंतन से जुड़ने का सशक्त अवसर प्रदान किया।

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