शेयर बाजार में भारी गिरावट जारी, सेंसेक्स 270.84 अंक टूटकर 81,909.63 पर बंद, निवेशकों के 8 लाख करोड़ डूबे
सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार तीसरे दिन गिरावट
वैश्विक व्यापार युद्ध (Trade War) की आशंका और विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली के कारण बुधवार, 21 जनवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार लगातार तीसरे सत्र में लाल निशान पर बंद हुआ। सेंसेक्स 271 अंक गिरकर 81,910 के स्तर पर रहा, जबकि निफ्टी 25,158 के नीचे फिसल गया।
मुंबई। शेयर बाजारों में लगातार तीसरें दिन गिरावट देखी गई। बता दें कि सेंसेक्स 270.84 अंक टूटकर 81,909.63 अंक पर और निफ्टी-50 सूचकांक 75 अंक नीचे 25,157.50 अंक पर बंद हुआ। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। प्रमुख सूचकांक बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) और एनएसई निफ्टी 50 (NSE Nifty 50) शुरुआती कारोबार में 1,000 अंकों से अधिक की गिरावट के साथ खुले, लेकिन बाद में निचले स्तरों से कुछ उबरने में सफल रहे। बाजार की इस अस्थिरता के पीछे कमजोर वैश्विक संकेत, विदेशी कोषों की निरंतर निकासी और तिमाही नतीजों का दबाव प्रमुख कारण रहे।
उतार-चढ़ाव के प्रमुख कारण
बाजार में इस तेज गिरावट और अस्थिरता के पीछे कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कारक जिम्मेदार हैं:
कमजोर वैश्विक संकेत: अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच शुल्क (tariff) विवाद को लेकर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक बाजारों में बिकवाली का माहौल पैदा किया, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली: विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पूंजी निकाल रहे हैं। मंगलवार (20 जनवरी, 2026) को भी उन्होंने करीब 2,938 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिससे बाजार पर दबाव बना रहा।
तिमाही नतीजों की चिंता: तीसरी तिमाही के कंपनियों के नतीजे आने शुरू हो गए हैं। हैवीवेट कंपनियों, जैसे आईसीआईसीआई बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के कमजोर प्रदर्शन ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है।
रुपये में कमजोरी: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर 91.28 तक गिर गया, जिसने विदेशी निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी।

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