केंद्रीय कैबिनेट का बड़ा फैसला: अटल पेंशन योजना 2030-31 तक बढ़ी, मंत्रिमंडल की मंजूरी
8.66 करोड़ श्रमिकों को मिलेगा सुरक्षा कवच
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार, 21 जनवरी 2026 को अटल पेंशन योजना (APY) को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही सरकार ने योजना के प्रचार-प्रसार और विकासात्मक गतिविधियों के लिए अतिरिक्त फंड के विस्तार को भी हरी झंडी दी है।
नई दिल्ली। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए शुरू की गयी अटल पेंशन योजना को वर्ष 2030-31 तक जारी रखने और इसके लिए जागरूकता बढ़ाने तथा विकासात्मक गतिविधियों को चलाने के लिए अंतर निधि आवंटन विस्तार को मंजूरी दे दी है। पीएम मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी।
केंद्र सरकार ने एक वक्तव्य जारी कर कहा है कि बैठक में अटल पेंशन योजना को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने के साथ-साथ इसको लेकर प्रचार और विकासात्मक गतिविधियों तथा अंतर निधि वित्त पोषण सहायता के विस्तार को भी मंजूरी दी गयी है। यह योजना सरकारी सहायता से 2030-31 तक जारी रहेगी और इसके लिए जागरूकता, क्षमता निर्माण सहित असंगठित श्रमिकों के बीच पहुंच के लिए प्रचार और विकासात्मक गतिविधियाँ चलाई जाएगी तथा इसमें अंतराल निधि को पूरा किया जाएगा।
अटल पेंशन योजना के तहत सरकार कम आय वाले और असंगठित क्षेत्र के लाखों श्रमिकों के लिए वृद्धावस्था आय सुरक्षा सुनिश्चित करती है और वित्तीय समावेशन को बढ़ाने के साथ ही सबके लिए स्थायी सामाजिक सुरक्षा प्रदान कर विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण को मजबूत करती है।
गौरतबल है कि, यह योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को वृद्धावस्था आय सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से 9 मई 2015 को शुरु की गयी थी और इसके तहत 60 वर्ष की आयु से शुरू होकर 1,000 रुपये से 5,000 रुपये प्रति माह की न्यूनतम पेंशन की गारंटी प्रदान करती है। योजना में गत 19 जनवरी तक 8.66 करोड़ से अधिक नागरिक नामांकित हैं जिससे यह योजना देश के समावेशी सामाजिक सुरक्षा ढांचे की आधारशिला बन गई है।

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