युवक और युवतियां सेल्फी लेते रहे, पतंगें उड़ाते रहे, डीजे का धूम-धड़ाका
जयपुर। मकर संक्रांति पर गुलाबी नगरी में सुबह से ही आसमान में पतंगों का रोमांच छाया रहा। जयपुरवासियों ने तरह-तरह की पतंगे उड़ाई और मांझे से ढील देकर, खींच मारकर वो काटा, वो मारा का शोर किया। दिनभर आसमान में रंग-बिरंगी पतंगे दिखाई दी। चारदीवारी में लोग सुबह से ही अपनी चरखी, डोर और पतंग लेकर छतों पर चढ़ गए।
नरेन्द्र मोदी, अमित शाह, अशोक गहलोत, सचिन पायलेट, राहुल गांध, अखिलेश यादव समेत कई नेताओं की पतंगे भी शहर में उड़ी। लोगों ने घरों में तिल के लड्डू, गजक, फीणी, घेवर, गर्मागर्म बड़े आदि का लुत्फ लेकर पतंगबाजी की। छोटे बच्चों ने आकाश में गुब्बारे उड़ाए। परिवार के साथ सेल्फी, नाश्ते से लेकर दोपहर का खाना भी परिवारों के साथ लोगों ने छत पर ही खाया। शाम गहराते ही आकाश में विशिंग लैम्प (लालटेन)और आतिशबाजी दिखाई दी।
गायों को हरा चारा और गुड़ खिलाया
सभी गौशालाओं में दानदाताओं ने गायों को हरा चारा और गुड़ खिलाया। हिंगोनिया गौ पुनर्वास केन्द्र में कृष्ण बलराम सेवा ट्रस्ट की ओर से गायों को हरा चारा और गुड़ खिलाया गया। श्रद्धालु गौसेवा करने के लिए गौशालाओं में पहुंचे। सांगानेर पिंजरापोल गौशाला, हिंगोनिया गौशाला सहित सभी गौशालाओं में दान-पुण्य चला। लोगों ने बेघर लोगों को खाने-पीने की चीजे, कपड़े आदि दान किए। महिलाओं ने 14 वस्तुएं संकल्प लेकर परिवार और आस-पड़ोस में दान की।
पतंगबाजी में कलक्टर के आदेश रहे बेअसर
जयपुर। मकर संक्रांति पर पतंगबाजी से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जिला कलक्टर द्वारा सुबह 6 से 8 बजे तक और शाम 5 से 7 बजे तक पतंगबाजी न करने के आदेश बेअसर साबित हुए है। जिला कलक्टर अंतर सिंह नेहरा ने आदेश में कहा था कि उस वक्त बेजुबान पक्षियों का आकाश में विचरण होता है। ऐसे में पतंगबाजी से पक्षियों के घायल होने की संभावना ज्यादा रहती है। इसलिए पतंगबाजी पर 31 जनवरी तक रोक लगा रखी है, लेकिन मकर संक्रांति के दिन पतंगबाजी होती रही।

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