मूक-बधिर विद्यालय में एसीएस स्कूल शिक्षा का औचक निरीक्षण, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई और नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
वार्डन की मासिक रोटेशन ड्यूटी का आदेश
जयपुर। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा राजेश यादव ने गुरुवार को त्रिमूर्ति सर्किल स्थित आनंदीलाल पोद्दार राजकीय मूक-बधिर विद्यालय का औचक निरीक्षण कर संस्थान की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का गहन मूल्यांकन किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यालय के समग्र संचालन की बारीकी से समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान यादव ने छात्र एवं छात्राओं के छात्रावासों का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कक्षा कक्षों, शौचालय, स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं की स्थिति का निरीक्षण करते हुए विद्यार्थियों को उपलब्ध सुविधाओं के स्तर पर विशेष जोर दिया।
इस अवसर पर उन्होंने शिक्षकों, वार्डनों एवं विद्यालय प्रबंधन से संवाद कर शिक्षण पद्धति, विद्यार्थियों की प्रगति, अनुशासन, नियमित उपस्थिति तथा खेल एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित, स्वच्छ एवं प्रेरणादायक वातावरण उपलब्ध कराना प्रत्येक शिक्षण संस्थान की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
यादव ने विद्यालय में उपलब्ध खेल सुविधाओं, शिक्षण संसाधनों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए संचालित गतिविधियों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यार्थी को बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराने के साथ सभी व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण अथवा समीक्षा के दौरान अनियमितता या कार्य संपादन में उदासीनता पाए जाने पर संबंधित कार्मिकों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी कर्मचारियों से पूर्ण जिम्मेदारी, पारदर्शिता और समर्पण के साथ कार्य करने के निर्देश दिए ।
प्रति माह बदलेगी वार्डन की ड्यूटी
निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव ने छोटे बच्चों के साथ आने वाले अभिभावकों के लिए परिसर में बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने अभिभावकों के लिए सांकेतिक भाषा सीखने हेतु स्क्रीन स्थापित करने का सुझाव दिया, ताकि वे बच्चों के साथ बेहतर संवाद स्थापित कर सकें। इसके अलावा, छात्रावासों में वार्डनों की ड्यूटी रोटेशन के आधार पर प्रत्येक माह बदलने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता एवं भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच की जिम्मेदारी संबंधित वार्डन की होगी, और किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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