पशुपालकों को लाभ के लिए सरल व्यवहारिक बनाई जाए पशु बीमा योजना, हमारी सरकार ने शुरू किया सर्वे का काम : गहलोत
लॉटरी द्वारा चयन करने की प्रक्रिया अव्यवहारिक है
जयपुर। मंगला पशु बीमा योजना में लॉटरी से चयन के कारण लोगों के योजना में दिलचस्पी नहीं दिखाने पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य सरकार से योजना को सरल व्यावहारिक बनाने की मांग की है। गहलोत ने कहा है कि हमारी सरकार ने पशुपालकों के 2-2 पशुधन जैसे गाय-भैंस का बीमा करने के लिए कामधेनु पशु बीमा योजना शुरू की थी, जिसमें 40 हजार रुपए प्रति पशु का बीमा निशुल्क करवाया जाना था। इस योजना में सरकार ने 20 लाख पशुओं का लक्ष्य रखा था, लेकिन यह योजना इतनी आकर्षक थी कि 80 लाख के करीब पशुओं के बीमा का पंजीकरण करवा दिया था।
हमारी सरकार ने योजना का दायरा बढ़ाते हुए सभी पंजीकृत पशुओं को योजना के अंतर्गत कवर किया और सर्वे का काम शुरू किया। हालांकि आचार संहिता के कारण ये काम रुक गया और नई सरकार ने योजना बंद कर दी। अब भाजपा सरकार द्वारा लाई गई मंगला पशु बीमा योजना में पशुपालक दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। साथ ही, लॉटरी द्वारा चयन करने की प्रक्रिया भी अव्यवहारिक है। राज्य सरकार को इस योजना को सरल कर व्यवहारिक बनाना चाहिए, जिससे पशुपालकों को लाभ मिल सके।

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