शहर के ‘प्रथम’ पर दलों की दावेदारी : भाजपा-कांग्रेस तय करेंगे नाम, 7 महापौर, 47 सभापति और 251 अध्यक्ष के चेहरे होंगे सामने

पंचायतों की लॉटरी दूसरी बार स्थगित

शहर के ‘प्रथम’ पर दलों की दावेदारी : भाजपा-कांग्रेस तय करेंगे नाम, 7 महापौर, 47 सभापति और 251 अध्यक्ष के चेहरे होंगे सामने
राजस्थान में सात नगर निगमों के महापौर, 47 नगर परिषदों के सभापति और 252 नगर पालिकाओं के अध्यक्ष पदों के लिए बुधवार को नामांकन। जयपुर, कोटा, जोधपुर और सुकेत में पुनर्मतदान 16 सितंबर को और मतगणना 17 सितंबर को।

जयपुर। प्रदेश के सात नगर निगमों के महापौर, 47 नगर परिषदों के सभापति और 252 नगर पालिकाओं के अध्यक्ष के चेहरे बुधवार को सामने आ जाएंगे। भाजपा और कांग्रेस दोनों दल इनका नाम तय करेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर तय चुनावी कार्यक्रम के अनुसार इन पदों के लिए बुधवार को नामांकन दाखिल किए जाएंगे। इसके लिए आयोग ने मंगलवार को सुबह अधिसूचना जारी कर दी। प्रदेश में दस नगर निगम है, लेकिन जयपुर, कोटा और जोधपुर में फिलहाल महापौर चुनाव स्थगित कर दिए गए हैं। इसी प्रकार प्रदेश में 252 नगर पालिकाओं के चुनाव हुए थे, लेकिन सुकेत पालिका के अध्यक्ष का चुनाव स्थगित कर दिया है। इन निकायों के मुखियाओं के चुनाव बाद में कराए जाएंगे। वैसे तो दोनों दलों भाजपा और कांग्रेस की ओर से कई इन पदों के लिए दावेदार हैं, लेकिन पार्टी स्तर पर किसी एक नाम पर बुधवार को मुहर लगेगी। इसके बाद ही वह पार्टी के सिम्बल पर अपना नामांकन दाखिल करेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने जयपुर, जोधपुर, कोटा और सुकेत निकायों के 10 मतदान केंद्रों पर 16 सितंबर को पुनर्मतदान की अधिसूचना जारी की है।

मतदान सुबह 7 से शाम 6 बजे तक होगा और 17 सितंबर को सुबह 8 बजे से मतगणना होगी। आयोग के अनुसार तकनीकी खराबी से प्रभावित मतों की संख्या निकटतम प्रत्याशियों के जीत के अंतर से अधिक होने के कारण इन चारों निकायों के दस बूथों पर  दोबारा मतदान का निर्णय लिया गया है। शेष बची 305 निकायों में अध्यक्ष चुनाव की लोक सूचना जारी हो चुकी है। यहां पूर्व घोषणा अनुसार 21-22 सितंबर को अध्यक्ष चुनाव होंगे।

पंचायतों की लॉटरी दूसरी बार स्थगित :

राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के आरक्षण की लॉटरी 17 और 18 सितंबर को दूसरी बार स्थगित कर दी गई है। इससे पहले यह लॉटरी 18 अगस्त को निकाली जानी थी। पंचायती राज विभाग ने राज्य निर्वाचन आयोग को इसकी सूचना दी है।  विभाग के अनुसार लॉटरी जिला कलेक्टर एवं उपखण्ड अधिकारी द्वारा निकाली जानी थी। ये अधिकारी वर्तमान में जिला निर्वाचन अधिकारी और रिटर्निंग ऑफिसर के रूप में नगरीय निकायों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष चुनाव में व्यस्त हैं। इसलिए प्रक्रिया आगे बढ़ाना संभव नहीं हो पाया। विभाग के पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि नगरीय निकाय चुनाव समाप्त होते ही पंचायती राज संस्थाओं की लॉटरी की नई तिथियां घोषित की जाएंगी। गौरतलब है कि पहले 17 सितंबर को जिला स्तर पर जिला परिषद सदस्य, प्रधान व पंचायत समिति सदस्यों की तथा 18 सितंबर को उपखण्ड स्तर पर सरपंच,वार्ड पंच की लॉटरी होनी थी। अब ग्रामीण क्षेत्रों के आरक्षण निर्धारण में और इंतजार करना होगा। 

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