जयपुर में जमीन-मकान खरीदना और महंगा, डीएलसी दरों में 5 से 49 प्रतिशत तक बढ़ोतरी लागू
चार महीने में दूसरी बार बढ़ीं डीएलसी दरें
जयपुर। प्रदेश में जमीन और मकान खरीदना अब पहले से अधिक महंगा हो गया है। राज्य सरकार ने डीएलसी (डिस्ट्रिक्ट लेवल कमेटी) दरों में 5 से 49 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी लागू कर दी है। नई दरें 3 अगस्त से प्रभावी हो गई हैं, जिसके बाद जमीन और संपत्तियों की रजिस्ट्री पर स्टांप शुल्क बढ़ जाएगा।
बाजार में संपत्तियों की कीमतों पर भी इसका असर पड़ने की संभावना है। जयपुर में भी जमीनों की दरों में बढोतरी हो गई और अब बापू नगर में सबसे अधिक कीमत होगी। यहां 5.71 लाख रुपए प्रति वर्गमीटर निर्धारित की गई, वहीं रामबाग सर्किल से अजमेरी गेट तक टोंक रोड के दोनों तरफ व्यावसायिक दर तीन लाख रुपए प्रति वर्गमीटर रहेगी। गत माह जयपुर कलेक्ट्रेट में जिला कलक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी सब रजिस्ट्रारों ने अपने-अपने क्षेत्रों की बाजार कीमतों के आधार पर संशोधित डीएलसी दरों के प्रस्ताव प्रस्तुत किए थे। अधिकांश शहरी क्षेत्रों में 5 से 40 प्रतिशत तक और कुछ चुनिंदा कॉलोनियों में 49 प्रतिशत तक वृद्धि को मंजूरी दी। सबसे अधिक वृद्धि खातीपुरा रोड स्थित भारतेंदु नगर में की है, जहां डीएलसी दरों में 49 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है। वहीं प्रदेश की सबसे महंगी डीएलसी दर जयपुर की परकोटा क्षेत्र स्थित बापू बाजार में बनी हुई है। यहां 40 से 60 फीट सड़क पर स्थित व्यावसायिक भूमि की डीएलसी दर 5.71 लाख रुपए प्रति वर्गमीटर पहुंच गई है।
इसी तरह रामबाग चौराहे से अजमेरी गेट तक 100 फीट सड़क पर स्थित व्यावसायिक भूमि की डीएलसी दर अब 3 लाख रुपए प्रति वर्गमीटर निर्धारित की है। नई दरों का असर केवल जयपुर शहर तक सीमित नहीं रहेगा। चौमूं, चाकसू, कालवाड़, जोबनेर, बगरू, बस्सी, फागी, बिचून और दूदू जैसे सैटेलाइट टाउनों में भी व्यावसायिक भूमि की डीएलसी दरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कई क्षेत्रों में कॉमर्शियल डीएलसी दरें 30 हजार से 50 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर तक पहुंच गई हैं।
1 अप्रैल को बढ़ी थीं कीमतें :
भजनलाल सरकार में जयपुर में डीएलसी की दरें अब तक तीन बार बढ़ चुकी हैं।
1 अप्रैल 2024 में 10% की बढ़ोतरी की गई थी।
दिसंबर 2024 में सरकार ने फिर 5 से 15% तक दरें बढ़ाईं।
अप्रैल 2026 में सरकार ने एक बार फिर 10% की बढ़ोतरी की।

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