100 दिन की भारत क्लाइमेट सत्याग्रह यात्रा, 80 हजार किमी यात्रा में प्रो. चेतन सोलंकी ने बनाया 20 लाख से अधिक लोगों को ऊर्जा साक्षर
सोलर बस ही घर, कार्यालय, प्रशिक्षण केंद्र
उदयपुर। भारत में ऊर्जा संरक्षण की अलख जगा रहे आईआईटी मुंबई के पूर्व ऊर्जा इंजीनियरिंग प्रोफेसर, सोलर मैन तथा सोलर गांधी के रूप में ख्यात प्रो. चेतन सोलंकी अपनी सोलर बस के साथ उदयपुर पहुंचे। वे बुधवार को विद्या भवन पॉलिटेक्निक सभागार में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग तथा पर्यावरण संरक्षण गतिविधि इको क्लब के संयुक्त तत्वावधान में सुबह 11.15 बजे होने वाले ऊर्जा संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन समाधान पर उद्बोधन देंगे। प्रो. सोलंकी 13 मई से 20 अगस्त 2026 तक 100 दिनों की भारत क्लाइमेट सत्याग्रह यात्रा कर रहे हैं। यात्रा उन्होंने नवंबर 2020 से प्रारंभ 11 वर्षीय एनर्जी स्वराज यात्रा है, जो भारत में जारी रहेगी। उन्होंने इस अवधि में घर नहीं लौटने की प्रतिज्ञा ली है। प्रो. सोलकी अब तक 80,000 किलोमीटर की यात्रा, 1800 से अधिक व्याख्यान, 5 लाख से अधिक लोगों मे सीधा संवाद और 20 लाख से अधिक लोगों को ऊर्जा साक्षर बना चुके हैं।
आईआईटी बॉम्बे में रहते उन्होंने 75 लाख परिवारों को स्वच्छ रोशनी उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विश्व के 15 प्रमुख थॉट लीडर्स में सम्मिलित प्रो. सोलंकी ने 2025 में फाइनाइट अर्थ मूवमेंट की शुरूआत हुई, जिसका लक्ष्य वर्ष 2027 तक 1 अरब लोगों को जलवायु संरक्षण से जोड़ना है।
बस में सारी सुविधाएं :
प्राचार्य डॉ. अनिल मेहता ने बताया कि सोलर बस ही प्रो. सोलंकी का घर है। इसमें सोने एवं भोजन बनाने की सुविधा, कार्यालय, बैठक कक्ष और प्रशिक्षण केंद्र है। बस की छत पर लगे सोलर पैनलों से बिजली बनाई जाती है, जिससे आवश्यक उपकरण चलाए जाते हैं। इसका उद्देश्य लोगों को यह दिखाना है कि कम संसाधनों और स्वच्छ ऊर्जा के साथ भी एक सम्मानजनक और सुविधाजनक जीवन जिया जा सकता है।

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