विकसित भारत के लिए सामूहिक भागीदारी जरूरी, मुख्य सचिव- सेवा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा से समाज में सकारात्मक बदलाव संभव
सेवा भाव की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए
जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बुधवार को ‘सेवा भाव फॉर विकसित भारत-साधना संवाद’ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा और सुना। इस दौरान उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को सेवा भाव की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। मुख्य सचिव ने कहा कि सेवा भाव केवल एक विचार नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना है। इसी भावना के साथ कार्य करते हुए विकास के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सरकारी तंत्र में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि वे आमजन की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में सामूहिक भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि देश के विकास में प्रत्येक नागरिक की भूमिका है। सेवा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान विकसित भारत के निर्माण में सेवा भाव की भूमिका और इसके व्यापक प्रभावों पर भी चर्चा की गई।

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